कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावाशिवपुरी-जिले में कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोडऩे के उद्देश्य से, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील कृषकों के फार्म और पॉली हाउस का निरीक्षण कर नवाचार कृषि पद्धतियों का अवलोकन किया और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया।
जैविक खेती और सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता: श्री सुरेंद्र सिंह सेंगर का फार्म
कलेक्टर श्री वर्मा ने सर्वप्रथम बड़ागांव पहुँचकर प्रगतिशील कृषक सुरेंद्र सिंह सेंगर के कृषि फार्म का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने फार्म पर संचालित मछली पालन इकाई का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि श्री सेंगर को सरकार की सौर ऊर्जा नीति के तहत 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर प्लांट की सुविधा मिली है, जिसकी बदौलत वे कृषि कार्यों में सौर ऊर्जा का कुशलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने इस प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने का एक उत्कृष्ट माध्यम बताया। इसके साथ ही, जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री सेंगर द्वारा तैयार किए जा रहे जीवामृत की प्रक्रिया को भी उन्होंने करीब से देखा। मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य के लिए जैविक खाद के उपयोग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए क्षेत्र के अन्य किसानों को भी रासायनिक खेती के स्थान पर जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर श्री वर्मा ने सर्वप्रथम बड़ागांव पहुँचकर प्रगतिशील कृषक सुरेंद्र सिंह सेंगर के कृषि फार्म का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने फार्म पर संचालित मछली पालन इकाई का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि श्री सेंगर को सरकार की सौर ऊर्जा नीति के तहत 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर प्लांट की सुविधा मिली है, जिसकी बदौलत वे कृषि कार्यों में सौर ऊर्जा का कुशलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने इस प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने का एक उत्कृष्ट माध्यम बताया। इसके साथ ही, जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री सेंगर द्वारा तैयार किए जा रहे जीवामृत की प्रक्रिया को भी उन्होंने करीब से देखा। मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य के लिए जैविक खाद के उपयोग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए क्षेत्र के अन्य किसानों को भी रासायनिक खेती के स्थान पर जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उद्यानिकी और बागवानी कृषि: पॉली हाउस में डच गुलाब और खीरे की खेती
ग्राम मुड़ेरी में अमित गुप्ता के पॉली हाउस का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने बागवानी क्षेत्र के नवाचारों की प्रशंसा की। श्री गुप्ता को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के माध्यम से पॉली हाउस स्थापना के लिए 50 प्रतिशत की अनुदान सहायता प्राप्त हुई है। यह 8000 वर्ग मीटर की परियोजना आधुनिक कृषि का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें 4000 वर्ग मीटर में डच गुलाब और 4000 वर्ग मीटर में खीरा की उन्नत खेती की जा रही है। कलेक्टर श्री वर्मा ने पॉली हाउस की स्थापना, मिट्टी के चयन, खाद प्रबंधन और फसलों की सिंचाई के लिए उपयोग की जा रही माइक्रो स्प्रिंकलर तकनीक की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
ग्राम मुड़ेरी में अमित गुप्ता के पॉली हाउस का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने बागवानी क्षेत्र के नवाचारों की प्रशंसा की। श्री गुप्ता को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के माध्यम से पॉली हाउस स्थापना के लिए 50 प्रतिशत की अनुदान सहायता प्राप्त हुई है। यह 8000 वर्ग मीटर की परियोजना आधुनिक कृषि का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें 4000 वर्ग मीटर में डच गुलाब और 4000 वर्ग मीटर में खीरा की उन्नत खेती की जा रही है। कलेक्टर श्री वर्मा ने पॉली हाउस की स्थापना, मिट्टी के चयन, खाद प्रबंधन और फसलों की सिंचाई के लिए उपयोग की जा रही माइक्रो स्प्रिंकलर तकनीक की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।

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