---------------------------------News Website By ๐‘๐š๐ฃ๐ฎ ๐˜๐š๐๐š๐ฏ--------------------------------

๐™Ž๐™๐™ž๐™ซ๐™ฅ๐™ช๐™ง๐™ž ๐™†๐™๐™–๐™—๐™–๐™ง

Friday, September 28, 2018

เค•ोเคฒाเคฐเคธ เคฎें เคฆिเค–ाเคตा เคจเคนीं เคœเคฎीเคจी เคธ्เคคเคฐ เคชเคฐ เคฎเคœเคฌूเคค เคชเค•เคก़ เคฌเคจा เคฐเคนे เคญाเคœเคชा เค•े เคฆाเคตेเคฆाเคฐ เคช्เคฐเคค्เคฏाเคถी


शिवपुरी- जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे है वैसे-वैसे विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदार प्रत्याशी भी अपने जनसंपर्क और चुनावी तैयारियों को अलग-अलग अंदाज में रंगत दे रहे है।  कोलारस विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच भले ही पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी, पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन के अनुज जितेन्द्र जैन गोटू हो अथवा कोलारस क्षेत्र में जमीनी पकड़ में सबसे मजबूत माने जाने वाले और स्वच्छ और निर्विवाद छवि के कोलारस के भाजपा कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे आलोक बिन्दल यह सभी ऐसे चेहरे है जो भाजपा से अपनी मजबूत पकड़ के चलते चुनावी तैयारियों में जुटे हुए है।

जमीनी स्तर पर तैयारी कर रहे है आलोक बिन्दल
इनमें सर्वाधिक रूप से जनता और उनके दु:ख दर्द में शामिल होने के लिए कोलारस में सक्रिय रूप से दिखावा नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने का कार्य आलोक बिन्दल द्वारा किया जा रहा है। आलोक बिन्दल की छवि इस विधानसभा क्षेत्र में  ऐसे कार्यकर्ता के रूप में है  जिस का पूरा परिवार  आरंभ से ही समर्पित भाव से  जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के कार्य को  अपना कार्य समझ कर अपना सर्वस्व झोंकता चला रहा है चूॅकि पूर्व समय से ही राजनैतिक पृष्ठभूमि से जुड़े आलोक बिन्दल का एक लंबा राजनैतिक अनुभव भी है और वह हर समय और हर चुनाव में सदैव ही पार्टी के प्रत्याशी के साथ ईमानदारी के साथ खड़े रहे हैं उनकी यही खूबी उन्हें अन्य दावेदारों से अलग करती है  श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया जी को अपना आदर्श मानने वाले  आलोक बिंदल हमेशा ही भाजपा की नीतियों की प्रति ईमानदारी से समर्पित और उसकी नीतियों को प्रसारित करने का कार्य करते रहे हैं। आलोक  बिंदल का सबसे मजबूत पक्ष यह है उनकी  कार्यशैली  बहुत ही जुझारू  और  मेहनती कार्यकर्ता कि है लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का कोई भी पद उनके पास नहीं है इसके  बावजूद क्षेत्र की जनता में उनका प्रभाव कायम है उन्होंने कभी भी पार्टी के विरूद्ध जाकर कोई कार्य नहीं किया और यही कारण रहा कि वह विधानसभा दावेदारो में हर बार शामिल रहे। लेकिन इस बार खबर है कि वह पुरजोर तरीके से अपना कैंपेन कोलारस विधानसभा के विभिन्न ग्रामों और जनपद क्षेत्रों के आसपास पहुंचकर कोलारस नगर में भी सक्रिय बने हुए है। चाहे कोर्ई भी समाज हो उसमें आलोक बिन्दल का सतत संपर्क रहा आज भी बना हुआ है। 2018 की विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा निर्धारित मापदंडों पर आलोक बिन्दल पूर्णता खरे उतरते हैं और उनकी प्रबंधन शैली पूरे विधानसभा क्षेत्र में खासी लोकप्रिय हैं, तकनीकी रूप से दक्ष, शिक्षित, ईमानदार, जुझारू और जोशीले युवा आलोक बिन्दल अपनी सहज और सरल वाणी और उत्तम व्यबहार के लिए लोकप्रिय है अंदरूनी सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार अबकी बार की आम चुनाव में आलोक बिन्दल की दावेदारी उन्हें भाजपा प्रत्याशी के रूप में बदल दे, तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए

दल बदलू छाप खराब कर सकती है वीरेन्द्र रघुंवशी की छवि
शिवपुरी विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी के रूप में जो छवि पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने बनाई उसी का प्रभाव है कि वह भले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जरूर आ गए लेकिन भाजपा में भी वह अपना दबदबा कायम नहीं रख पाए आज भी  वह अपनी कांग्रेसी मानसिकता से  उबर नहीं पाए हैं  और  इसी वजह से  भाजपा के कार्यकर्ताओं ने  उनसे दूरी बना ली है अपनी विवादास्पद कार्यशैली और विवादित बयानों की चलती  वह कई बार अपनी किरकिरी करा चुके हैं भाजपा की प्रदेश कार्य समिति में सदस्य के रूप में और अशोकनगर विधानसभा प्रभारी बनकर पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी भी अपनी नजर कोलारस विधानसभा की ओर टिकाए हुए है, हालांकि दल-बदलू की छाप उनकी बेदाग छवि को खराब कर रही है बाबजूद इसके वीरेन्द्र रघुवंशी जनता के बीच जाकर चुनाव में अपनी धाक जमाने को बेताब है। इसके लिए उन्होंने कई बार क्षेत्रीय सम्मेलन और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी की। कोलारस के उप चुनाव में भी वीरेन्द्र रघुवंशी का नाम पूरी सक्रियता से जोर पकड़ा लेकिन दल-बदल की छवि ने उनके स्थान पर पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन को टिकिट दिलाया। लेकिन अब मुख्य चुनाव में वह फिर से अपनी दावेदारी जनता के बीच कर रहे है बाबजूद इसके यह दाग उनके चुनाव लडऩे पर संशय लगा सकता है।

हजारों वोटों की हार अब छोटे भाई भी लगा रहे अपना दांव
कोलारस विधानसभा में वर्ष 2013 में 25हजार मतों से पराजय का मुंह चख चुके पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन ने की गिरती साख उप चुनाव कोलारस में भी नहीं बच सकी और वह इसमें भी करीब 8 हजार मतों से पराजित हुए। अब उनके स्थान पर हजारों वोटों की हार के बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेन्द्र जैन गोटू भी पूरी तैयारी के साथ चुनाव लडऩे का मन बनाया है लेकिन वह अपना दांव किसके बीच खेल रहे है यह शायद उन्हें पता तो है लेकिन वह स्वीकार नहीं करते। कोलारस विधानसभा वही है जहां से देवेन्द्र जैन दो बार चुनाव हारे ऐसे में अब पूर्व विधायक के परिजनों को टिकिट मिलना अथवा देना कहीं ना कहीं पार्टी की एक बड़ी चूक होगी। हालांकि सूत्रों की खबर है कि देवेन्द्र जैन की छवि के बाद जितेन्द्र जैन की छवि भी जनमानस में ठीक नहीं इसका कारण है कि उन्होंने अपने गोदाम में एक कृषक की फसल रखी थी और बाद में उसी कृषक के साथ मारपीट की और यह मामला इतना तूल पकड़ा कि मामले में जितेन्द्र जैन व उनके भाई पर भी पुलिस में प्रकरण दर्ज किया गया। ऐसे में जनता में गुण्डा तत्व की छवि जितेन्द्र जैन की सामने आ रही है। उनकी आपराधिक और अहंकार युक्त उनकी छवि उनके रास्ते मे कांटे बिछा रही है

Wednesday, September 26, 2018

เคฐाเคœเคจैเคคिเค• เคถुเคšिเคคा เค•े เคฒिเค เค†เคตเคถ्เคฏเค• เคนै เค•ि เค…เคš्เค›े เคฒोเค— เคฐाเคœเคจीเคคि เคฎें เค†เค : เคธांเคธเคฆ เคธिंเคงिเคฏा


शिवपुरी जनोत्थान विकास समिति द्वारा आयोजित प्रतिभाओं के सम्मान समारोह ने छोड़ी अनूठी छाप 

समिति अध्यक्ष राजेश जैन ने सिंधिया की भावनाओं से सहमति व्यक्त करते हुए कांग्रेस के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में आने का किया ऐलान 

:-राजू यादव(ग्वाल):-

शिवपुरी। यूं तो शिवपुरी जनोत्थान विकास समिति द्वारा शहर की प्रतिभाओं को सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के करकमलों से सम्मान करने के समारोह को सामाजिक ही कहेंगे। लेकिन इस समारोह में समिति अध्यक्ष राजेश जैन ने जब  सांसद सिंधिया की प्रेरणा से एक अच्छे नागरिक होने का फर्ज निभाते हुए कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की तो यह बहस अवश्य छिड़ गई क्या यह कार्यक्रम सामाजिक है अथवा इसमें राजनीति की गंध भी महसूस की जा रही है। विचार भले ही लोगों के अलग-अलग हो लेकिन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने धारा प्रवाहिक अंदाज में एक राजनेेता से अलग जब एक धर्मगुरू की तरह बोलना शुरू किया तो कार्यक्रम के आलोचक निरूत्तर हो उठे। श्री सिंधिया ने अपने पूरे भाषण में एक-एक शंका का जबाव दिया। लेकिन उनके  भाषण का समापन करने का अंदाज भी बिल्कुल विशिष्ट था। वह बोले कि जब हम परवरदिगार के  दरबार में जाएंगे तो यह नहीं पूछा जाएगा कि प्रेम स्वीट्स के राजेश या राकेश ने कितना पैसा कमाया है, या कौन सिंधिया है, कौन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री है, पूछा यहीं जाएगा कि संसार मेें मैने तुम्हे भेजा है और संसार के खाते में पुण्य की क्या कमाई है। सिंधिया बोले यह सच्चाई है कि सिंधिया हो या प्रधानमंत्री सभी नग्र आए हैं और सभी नग्र जाएंगे। लेकिन फिर जाने-जाने में फर्क होता है। किसी के जाने पर आंसू बहते है तो किसी के जाने पर खुशी मनाई जाती है। जब लोग आपके मरने पर रोएं तब मानिए जीवन साथर््ाक हुआ। सिंधिया के तेजस्वी उदबोधन के बाद पूरे माहौल में सिर्फ एक ही चर्चा थी कि राजनीति सामाजिकता से कहां अलग है। बल्कि सामाजिकता का ही एक रूप राजनीति है। 

सम्मान समारोह में आयोजकगण प्रेम स्वीट्स परिवार ने अपने जनाधार का जलवा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। इस कार्यक्रम को भव्य बनाने मेें जो वह कर सकते थे वह उन्होंने अपनी पूरी साम्थ्र्य के साथ किया। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को जोड़ा और अपने समाज के प्रतिष्ठित सामाजिक बंधुओं राजकुमार जैन जड़ीबूटी वाले, पूर्व नपाध्यक्ष गणेशीलाल जैन, प्रकाश जैन, पवन जैन पीएस होटल को मंच पर लाने में सफल रहे। इसके बाद उन्होंने शिवपुरी की प्रतिभाओं और ऐसे सामाजिक लोगों क ो ढूंढ़ा जो सम्मान के सही हकदार थे।  सम्मानित होने वालों में शिवपुरी के आदर्श शिक्षक मधुसूदन चौबे से लेकर अपना घर के संचालकगण (अनाथ, अपंग, विक्षिप्त व्यक्तियों की सेवा ), मानवता संस्था (अस्पताल में पांच रूपए में भोजन कराते हैं, प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली आयूषी ढेकुंला, 50 से अधिक बार रक्तदान देने वाले अमित खण्डेलवाल, प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाडी कपिल यादव, बैडमिन्टन खिलाड़ी चिंतन गुप्ता और अरमान अली, डॉ. चंद्रशेखर, एडीजे बनी प्रीति श्रीवास्तव, एडीपीओ बनी ममता पाराशर, आईएएस में चयनित अभिनव सक्सैना, शायर आफताब आलम, वृक्षारोपण में सिक्का जमाने वाले ब्रजेश तौमर। सम्मान समारोह के बाद ऐसा माहौल बना कि सिंधिया भी मंत्रमुग्ध हो उठे और उसी दौरान जनोत्थान विकास समिति के अध्यक्ष राजेश जैन ने यह कहकर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सदस्यता ग्रहण कर ली कि वह उनके नेतृत्व में राजनीति के माध्यम से आज से समाजसेवा की गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाएंगे। मै आज से सांसद सिंधिया की सेना में एक छोटा सा सिपाही हूं, जिसके सेनापति जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव हैं। अभी तक मंच से दूर रहे राजेश जैन जब अपने हृदय के उदगार भाषण में उडेले तो स्वयं सिंधिया भी भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम के प्रारंभ में विभिन्न गणमान्य नागरिकों ने सांसद सिंधिया का सूत की मालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम का शानदार संचालन संजीव बांझल और रूचि जैन ने किया। उनका कार्यक्रम इतना स्तरीय था कि सांसद सिंधिया ने खुले मंच से न केवल उनकी तारीफ की बल्कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह दोनों सूत्रधारों को बधाई देने के लिए उनकी डेस्क पर गए। समारोह मेें स्वागत भाषण आयोजक राजेश जैन के छोटे भाई राकेश जैन ने दिया। जिसमें कम से कम समय में श्री जैन ने सांसद सिंधिया का स्वागत करते हुए गागर मेें सागर उडेलने का काम किया।

यह फर्क होता है समाजसेवा और राजनीति में 

सांसद सिंधिया ने अपने उदबोधन में कहा कि मुझे खुशी है कि आज मुझे ऐसे लोगों को सम्मान करने का अवसर मिला है। जिन्होंने दूसरों की जिंदगी में उजाला लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इनमें शिक्षा दान करने वाले, रक्तदान करने वाले, अन्नदान करने वाले लोग शामिल हैं। वह दूसरों की खुशियों में अपनी खुशियां ढूंढ़ते हैं। दूसरी तरफ राजनीतिज्ञों को पूरी चिंता यह रहती है कि कैसे भी कुर्सी हाथ से न छूटे और यदि एक बार कुर्सी मिल जाए तो हमेशा उस कुर्सी को बनाए रखने में पूरी ताकत लगा देते हैं। यहीं फर्क समाजसेवा और राजनीति मेें है। लेकिन है क्यूं। उन्होंने अपने भाषण में यह सवाल उठाया। 

अच्छे लोगों को कीचड़ में उतरकर गंदगी करनी होगी साफ  

सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने माना कि राजनीति दलदल की तरह है और यह इसलिए है क्योंकि राजनीति में अच्छे लोग आने से परहेज करते हैं। वह राजनीति में तो आते नहीं है। लेकिन राजनीति और राजनीतिज्ञों के बारे में टीका टिप्पणी करते हैें, इससे होना जाना कुछ नहीं है। राजनीति के शुद्धिकरण के लिए आवश्यक है कि अच्छे लोग राजनीति में आए और वह परिवर्तन के शिल्पकार बने। सिस्टम की आलोचना करने के स्थान पर सिस्टम को परिवर्तित करें। 

सिंधिया ने माना राजनीति का हुआ है अवलोकन

सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्वीकार किया कि पिछले 15-20 सालों मेें राजनीति का बहुत अवमूल्यन हुआ है। उन्होंने कहा कि जब मैं छोटा था तो अपने पिता के साथ संसदीय क्षेत्र में सार्वजनिक समारोह में जाता था। मैं देखता था कि समारोह में कांग्रेस का नेता भाजपा के नेता की अच्छाईयों की तारीफ करता है  और भाजपा के नेता भी कांग्रेस के नेता की प्रशंसा करते हैं। लेकिन अब वह बात देखने को नहीं मिलती।

संभाग में कांग्रेस जीतेगी सभी 34 सीटें, खाता शिवपुरी से खुलेगा : राजेश जैन

कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद अपने उदबोधन में राजेश जैन ने जोश भरते हुए कहा कि 2018 के चुनाव में ग्वालियर चम्बल संभाग की सभी 34 सीटों पर सांसद सिंधिया के नेतृत्व मेें कांग्रेस को जीत हांसिल होगी और इसका खाता शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से खुलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बनने के बाद मैं शिवपुरी को प्रदेश के मानचित्र पर नम्बर 1 शहर हर हालत में बनाउंगा और यदि ऐसा नहीं कर पाया तो मैं शिवपुरी छोड़ दूंगा। उनके इस बयान के मायने लगाए जा रहे हैं कि शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से एक तरह से उन्होंने अपनी दावेदारी घोषित कर दी है।

เคฏเคถोเคงเคฐा เค•ो เคถिเคตเคชुเคฐी เคตिเคงाเคจเคธเคญा เคธे เคฌ्เคฐाเคน्เคฎเคฃ เคช्เคฐเคค्เคฏाเคถी เคฆे เคธเค•เคคा เคนै เคšुเคจौเคคी      


एआईसीसी बना सकती है विजया शर्मा पर अपनी राय, तो पीसीसी की पसंद होंगें श्रीप्रकाश शर्मा वहीं सिंधिया कर सकते हैं अन्नी शर्मा पर सहमति
                                                            पारिवारिक कारणों के बाद भी प्रत्याशी चयन में पार्टी लाईन के निर्णय को नकार सकते हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया

चुनावी समीक्षा - राकेश शर्मा


शिवपुरी-स्थानीय विधायक व मंत्री यशोधरा राजे ङ्क्षसधिया को शिवपुरी विधानसभा से चुनौती देने के लिए कांग्रेस पार्टी में वैश्य और ब्राह्मण प्रत्याशियों के बीच में निर्णय करने की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। वैश्य प्रत्याशियों में जहां राकेश गुप्ता, सिद्धार्थ लढ़ा, पवन जैन पीएस के साथ-साथ प्रेम स्वीट्स राजेश जैन ने भी अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है तो वहीं ब्राह्मण प्रत्याशी के तौर पर हरिबल्लभ शुक्ला और गणेश गौतम अपने को शिवपुरी विधानसभा से उम्मीदवार बनाए जाने के लिए पुरजोर तरीके से प्रयासरत है लेकिन इनसे हटके जो परिस्थिति सामने दिखाई दे रही है उसके मुताबिक पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा, पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष विजय शर्मा के साथ वर्तमान नगर पालिका उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी के नामों को लेकर पार्टी सूत्रों के मुताबिक गंभीर मंत्रणा की जा रही है। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछली विधानसभा की तरह इस बार अपने पारिवारिक कारणों के चलते शिवपुरी से प्रत्याशी चयन के मामले में पार्टी को ही निर्णय करने के लिए स्वतंत्र कर सकते हैं, इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता। उस आधार पर विजय शर्मा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के निर्णय से, श्रीप्रकाश शर्मा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की इच्छा और अनिल शर्मा अन्नी, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर प्रत्याशी बनाए जा सकते है। 

शिवपुरी जिले में कांग्रेस पार्टी अपना दबदबा बनाए रखने के लिए पांचों विधानसभाओं पर बड़ी गंभीरता से प्रत्याशियों  के चयन को लेकर प्रयासरत है। सूत्रों के मुताबिक यशोधरा राजे सिंधिया के चुनाव लडऩे की परिस्थिति में और कमजोर होती कांग्रेस के लिए करैरा और कोलारस विधानसभा सीट के मद्देनजर प्रत्याशी चयन को लेकर जातिगत समीकरणों के हिसाब से ब्राह्मण प्रत्याशी को शिवपुरी विधानसभा से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। ग्वालियर संभाग में लगभग 17 विधानसभा सीटों में 2 से 3 ब्राह्मण उम्मीदवार कांगे्रस की तरफ से बनाए जा सकते है क्योंकि सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर से रमेश अग्रवाल और मुन्ना लाल गोयल प्रत्याशी वैश्य समाज की ओर से हो सकते है। जिसमें शिवपुरी के लिए  ब्राह्मण प्रत्याशी को लेकर अंदरूनी तौर पर वातावरण बनाने का काम पिछोर विधायक केपी सिंह भी गोपनीय तरीके से कर रहे है।   हालांकि यशोधरा राजे ङ्क्षसधिया के लिए कांग्रेस पार्टी पहले भी ब्राह्मण प्रत्याशी उतार चुकी है जिसमें 1998 में पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला और उसके बाद 2003 में  पूर्व विधायक गणेश गौतम अपना भाग्य आजमा चुके है। इसलिए ब्राह्मण प्रत्याशी चुनौती बनेगा यह पूरी तरीके से सही नहीं माना जा सकता है लेकिन नए चेहरे को लेकर यदि कांग्रेस पार्टी कोई निर्णय करती है तो निश्चित पर यह यशोधरा राजे ङ्क्षसधिया के लिए एक बड़ी चुनौती सूत्रों के मुताबिक पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष विजय शर्मा का राजनैतिक जीवन सिंधिया परिवार से शुरू भले ही हुआ हो लेकिन पार्टी लाईन पर कार्य करते हुए वह ऑल इंडिया कंागे्रेस कमेटी तक अपनी मजबूत पकड़ रखते है और एआईसीसी के माध्यम से वह अनक राज्यों में कांग्रेस के संगठन के लिए काम कर चुके है इसलिए एआईसीसी विजय शर्मा के मामले में सीधे तौर पर कोई निर्णय कर दे तो  इसे अतिश्योक्ति नहीं माना जाएगा। इसके बाद श्रीप्रकाश शर्मा जो पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रहने के साथ-साथ 1977 से कांग्रेस के कार्यकर्ता है, सिंधिया परिवार से राजनीति इनकी भी श्ुारू हुई थी लेकिन कालांतर में राजनैतिक विरोधाभास के चलते यह दिग्विजय सिंह के समर्थक बन गए, बाबजूद इसके स्व.माधवराव सिंधिया ने श्रीप्रकाश शर्मा को हमेशा तरजीह दी है इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी श्रीप्रकाश शर्मा की कार्यशैली से परिचित है और कांग्रेस अध्यक्षों के कार्यकाल में लगातार 10 वर्षों तक जिला कांग्रेस का संचालन करने से उन्हें  चुनाव के लडऩे की सभी पेैंतरेबाजी आती है।  तो प्रदेश कांग्रेस पार्टी श्रीप्रकाश शर्मा को उम्मीदवार बना सकती है लेकिन इनकी उम्मीदवारी में पिछोर विधायक केपी सिंह की महती भूमिका होना संभव है। जहां तक वर्तमान नगर पालिका उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी का सवाल है तो उनको लेकर भी पार्टी में अलग-अलग तरीके से विचार मंथन किया जा रहा है स्वयं केपी सिंह भी अन्नी शर्मा को लेकर  परिस्थिति का मूल्यांकन कर रहे है। अन्नी शर्मा के मामले में यह सर्वविदित है कि उनका परिवार सिंधिया परिवार का निष्ठावान माना जाता रहा है और गणेश गौतम के 1985 के चुनाव में अन्नी शर्मा के पिता स्व.रमेश शर्मा भैया ने एक महती भूमिका अदा की थी जिससे दोबारा गणेश गौतम विधायक बने। अन्नी शर्मा का निर्णय प्रदेश कांग्रेस और ऑल इंडिया कांग्रेस की तरफ से हो इसे सही नहीं माना जाएगा लेकिन इतना तय है कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ब्राह्मण नेता के रूप में किसी नए चेहरे को अगर सामने लाने का प्रयास करेंगें तो वह अन्नी शर्मा पर अपनी राय व्यक्त कर सकते है। हालांकि ब्राह्मण प्रत्याशी के तौर पर गणेश गौतम को लेकर भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की सकारात्मक राय है और हरिबल्लभ शुक्ला के मामले में सूत्रों के मुताबिक यह माना जा रहा है कि पोहरी की बजाए वह शिवपुरी से चुनाव लडऩे के लिए प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस कमलनाथ के भी सतत संपर्क में है। 

เค…เคญा เค—्เคตाเคฒ เคฎเคนाเคธเคญा เค•ा เคฎเคนाเคธเคฎ्เคฎेเคฒเคจ เคเคตं เคตाเคนเคจ เคฐैเคฒी 30 เค•ो

शिवपुरी-अखिल भारतीय ग्वाल महासभा इंदौर के तत्वाधान में आगामी 30 सितम्बर को इंदौर जिले में ग्वाल महासम्मेलन एवं वाहन रैली का आयेाजन कया जा रहा है। इस कार्यक्रम में संपूर्ण प्रदेश भर के विभिन्न स्थानों से ग्वाल बन्धु शामिल होकर आयोजन की गरिमा बढ़ाऐंगें। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू ग्वाल ने बताया कि अभा ग्वाल महासभा के संगठन विस्तार के साथ सामाजिक जुड़ाव को लेकर इंदौर ग्वाल महासभा द्वारा ग्वाल महासम्मेलन का आयेाजन 30 सितम्बर को भालातलाई, जामगेट, पिकनिक स्पॉट तहसील महू जिला इंदौर पर प्रात: 10 बजे से किया जा रहा है इसके पूर्व एक विशाल वाहन रैली इंदौर नगर में ग्वाल महासभा द्वारा निकाली जाएगी। अभा ग्वाल महासभा संभाग इंदौर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संपूर्ण मप्र और विभिन्न प्रांतों के ग्वाल बन्धुजनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन की गरिमा को बढ़ाऐंगें। ग्वाल महासभा संभाग इंदौर के पदाधिकारी संभाग अध्यक्ष भालातलाई महेश हिन्नवार, उपाध्यक्ष राकेश यादव धार, आईटी सेल आनन्द ग्वाल इंदौर, संभाग मंत्री सांवेर इंदौर से प्रहलाद ग्वाल, प्रदेश सचिव धार जीवन ग्वाल, संभाग सचिव तह.सांवेर इंदौर से धीरज ग्वाल, इंदौर सह सचिव निरंजन ग्वाल, इंदौर जिलाध्यक्ष भरत ग्वाल, धार जिलाध्यक्ष हेमू ग्वाल व इंदौर से ही देवेश ग्वाल, सतीश ग्वाल,मुकेश ग्वाल प्रदेश मंत्री, चेतन ग्वाल प्रदेश सचिव आदि ने संयुक्त रूप से समस्त ग्वाल महासभा से अपील की है कि आयोजन में सभी ग्वाल बन्धु शामिल होकर आयोजन को सफल बनाऐं।