शिवपुरी- जिले में लॉकडाउन के चलते आज कोरोना की मार लुधावली क्षेत्र के लोगों में देखने को मिली जो पिछले 3 दिन से भूखे थे। यहां कलेक्टे्रट पहुंचकर अपनी व्यथा सुना रहे इन क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वह शिवपुरी के ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां ना तो समाज सेवक का दावा करने वाले व्यक्ति आते हैं और ना ही प्रशासन के लोग, उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा भी राशन मिलने की घोषणा की है परंतु राशन की दुकान पर जब वे लोग राशन मांगने जाते हैं तो उनको मना कर दिया जाता है तो ऐसे में वह क्या करें। इस तरह जिला प्रशासन से अपने लिए राहत सामग्री के रूप में राशन की गुहार इन महिला-पुरूष व बच्चों ने लगाई जो जिला प्रशासन से कोरोना वायरस को लेकर खाद्यान्न सामग्री की मांग कर रहे थे।
इलाज के लिए एमएम हॉस्पिटल मांग रहा पैसे, नहीं दिए तो मरीज को नहीं किया जा रहा डिस्चार्ज
पीडि़त ने व्यथा के माध्यम से जिला प्रशासन से लगाई सहायता की गुहार
शिवपुरी-सोंमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक फरियादी भरत जाटव निवासी मगरौनी नरवर ऐसा भी आया जिसने अपने भाई का इलाज प्रायवेट एम.एम.हॉस्पिटल पोहरी रोड़ में कराया जिसमें भाई को हुई तकलीफ में उसने अपने पास मौजूद करीब 20 हजार रूपये इलाज में लगा दिए लेकिन अब जब उपचार में अस्पताल प्रबंधन की ओर से 8500 रूपये शेष मांगे जा रहे है लेकिन फरियादी पर पैसे नहीं है। इस पर वह न्याय की गुहार लगाने के लिए कलेक्ट्रेक्ट पहुंचा और जिला प्रशासन से सहायता राशि दिलाने की गुहार लगाई ताकि उसके भाई को अस्पताल से डिस्चार्ज कराया जा सके, क्योंकि एमएम हॉस्पिटल में भर्ती मरीज के इलाज के पैसे जमा ना होने तक अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज को छुट्टी नहीं दी जा रही है। इस मामले को लेकर फरियादी भरत जाटव ने जिला प्रशासन से उक्त मामले में न्याय की गुहार लगाई है ताकि उसके भाई को अस्पताल से छुटटी मिल सके और वह उसे अपने घर ले जा सके लेकिन अब तक जिला प्रशासन द्वारा उसकी शिकायत पर कोई विचार नहीं किया गया जिससे वह फरियादी आज भी न्याय की गुहार लगा रहा है।
इलाज के लिए एमएम हॉस्पिटल मांग रहा पैसे, नहीं दिए तो मरीज को नहीं किया जा रहा डिस्चार्ज
पीडि़त ने व्यथा के माध्यम से जिला प्रशासन से लगाई सहायता की गुहार
शिवपुरी-सोंमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक फरियादी भरत जाटव निवासी मगरौनी नरवर ऐसा भी आया जिसने अपने भाई का इलाज प्रायवेट एम.एम.हॉस्पिटल पोहरी रोड़ में कराया जिसमें भाई को हुई तकलीफ में उसने अपने पास मौजूद करीब 20 हजार रूपये इलाज में लगा दिए लेकिन अब जब उपचार में अस्पताल प्रबंधन की ओर से 8500 रूपये शेष मांगे जा रहे है लेकिन फरियादी पर पैसे नहीं है। इस पर वह न्याय की गुहार लगाने के लिए कलेक्ट्रेक्ट पहुंचा और जिला प्रशासन से सहायता राशि दिलाने की गुहार लगाई ताकि उसके भाई को अस्पताल से डिस्चार्ज कराया जा सके, क्योंकि एमएम हॉस्पिटल में भर्ती मरीज के इलाज के पैसे जमा ना होने तक अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज को छुट्टी नहीं दी जा रही है। इस मामले को लेकर फरियादी भरत जाटव ने जिला प्रशासन से उक्त मामले में न्याय की गुहार लगाई है ताकि उसके भाई को अस्पताल से छुटटी मिल सके और वह उसे अपने घर ले जा सके लेकिन अब तक जिला प्रशासन द्वारा उसकी शिकायत पर कोई विचार नहीं किया गया जिससे वह फरियादी आज भी न्याय की गुहार लगा रहा है।

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