शिवपुरी/करैरा- पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय संगठन, आईटीबीपी करेरा में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढाँचा (एनसीएफ) के अंतर्गत फाउंडेशनल स्टेज के 13 पाठ्यचर्या लक्ष्यों पर एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालय में नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रभावी ढंग से लागू करना था।कार्यशाला में शारीरिक विकास, संज्ञानात्मक विकास, भाषा एवं साक्षरता विकास, सामाजिक-भावनात्मक एवं नैतिक विकास, सौंदर्य एवं सांस्कृतिक विकास तथा सकारात्मक अधिगम आदतों से संबंधित पाठ्यचर्या लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से बच्चों में भावनात्मक समझ, सामाजिक व्यवहार, प्रकृति के प्रति सम्मान तथा सेवा भाव विकसित करने पर बल दिया गया।विद्यालय प्राचार्य अशोक कुमार सारस्वत द्वारा शिक्षकों को इन लक्ष्यों को कक्षा शिक्षण, गतिविधि-आधारित अधिगम और दैनिक विद्यालयी क्रियाकलापों में समाहित करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशाला समन्वयक दानसिंह कारपेंटर ने बताया बैठक में सभी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई और शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। कार्यशाला संसाधक निकेता पाल द्वारा बताया गया विद्यालय परिवार ने बच्चों के लिए आनंदपूर्ण, समावेशी और प्रभावी शिक्षण वातावरण विकसित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
शिवपुरी/करैरा- पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय संगठन, आईटीबीपी करेरा में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढाँचा (एनसीएफ) के अंतर्गत फाउंडेशनल स्टेज के 13 पाठ्यचर्या लक्ष्यों पर एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालय में नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रभावी ढंग से लागू करना था।कार्यशाला में शारीरिक विकास, संज्ञानात्मक विकास, भाषा एवं साक्षरता विकास, सामाजिक-भावनात्मक एवं नैतिक विकास, सौंदर्य एवं सांस्कृतिक विकास तथा सकारात्मक अधिगम आदतों से संबंधित पाठ्यचर्या लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से बच्चों में भावनात्मक समझ, सामाजिक व्यवहार, प्रकृति के प्रति सम्मान तथा सेवा भाव विकसित करने पर बल दिया गया।विद्यालय प्राचार्य अशोक कुमार सारस्वत द्वारा शिक्षकों को इन लक्ष्यों को कक्षा शिक्षण, गतिविधि-आधारित अधिगम और दैनिक विद्यालयी क्रियाकलापों में समाहित करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशाला समन्वयक दानसिंह कारपेंटर ने बताया बैठक में सभी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई और शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। कार्यशाला संसाधक निकेता पाल द्वारा बताया गया विद्यालय परिवार ने बच्चों के लिए आनंदपूर्ण, समावेशी और प्रभावी शिक्षण वातावरण विकसित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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