शिवपुरी-नगर के प्रसिद्ध स्थान श्री विष्णु मंदिर के पीछे मोहन नगर कॉलोनी में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हो चुका है कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई जो चिंताहरण हनुमान जी महाराज के मंदिर से चलकर के भागवत कथा पंडाल तक पहुंची। इस कथा में सैकड़ो महिलाओं ने अपने सिर पर कलश रखते हुए कलश यात्रा का आनंद लिया।कथा का वाचन करते हुए राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित श्री बृजभूषण जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा हमारे लिए जीवन जीना सिखाती है, मनुष्य को जीवन में क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए, इनका मार्गदर्शन श्रीमद् भागवत कथा करती है। भागवत कथा मुक्ति का सबसे उत्तम साधन कहा गया है। श्रीमद् भागवत कथा समस्त पुराणों में श्रेष्ठ है इसलिए अपने जीवन में मनुष्य को अधिक से अधिक श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए एवं अपने जीवन को कृतार्थ करना चाहिए। महाराज जी ने प्रथम दिवस धुंधकारी का पावन चरित्र सुनाया और बताया कि धुंधकारी महान पापी था और उसका मोक्ष भी भागवत सुनने से हो गया, इसलिए कोई व्यक्ति कितना भी पापी हो अगर वह श्रीमद् भागवत कथा को अपने जीवन में श्रवण करेगा तो भगवान उसके लिए अवश्य मुक्ति प्रदान करेंगे। इस कथा का आयोजन 30 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक रखा गया है। कथा का समय दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा कथा के मुख्य यजमान शांतिलाल गुप्ता एवं समस्त परिवारजन हैं।
शिवपुरी-नगर के प्रसिद्ध स्थान श्री विष्णु मंदिर के पीछे मोहन नगर कॉलोनी में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हो चुका है कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई जो चिंताहरण हनुमान जी महाराज के मंदिर से चलकर के भागवत कथा पंडाल तक पहुंची। इस कथा में सैकड़ो महिलाओं ने अपने सिर पर कलश रखते हुए कलश यात्रा का आनंद लिया।कथा का वाचन करते हुए राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित श्री बृजभूषण जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा हमारे लिए जीवन जीना सिखाती है, मनुष्य को जीवन में क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए, इनका मार्गदर्शन श्रीमद् भागवत कथा करती है। भागवत कथा मुक्ति का सबसे उत्तम साधन कहा गया है। श्रीमद् भागवत कथा समस्त पुराणों में श्रेष्ठ है इसलिए अपने जीवन में मनुष्य को अधिक से अधिक श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए एवं अपने जीवन को कृतार्थ करना चाहिए। महाराज जी ने प्रथम दिवस धुंधकारी का पावन चरित्र सुनाया और बताया कि धुंधकारी महान पापी था और उसका मोक्ष भी भागवत सुनने से हो गया, इसलिए कोई व्यक्ति कितना भी पापी हो अगर वह श्रीमद् भागवत कथा को अपने जीवन में श्रवण करेगा तो भगवान उसके लिए अवश्य मुक्ति प्रदान करेंगे। इस कथा का आयोजन 30 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक रखा गया है। कथा का समय दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा कथा के मुख्य यजमान शांतिलाल गुप्ता एवं समस्त परिवारजन हैं।

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