कथा के चौथे दिवस हुआ भगवान का वामन एवं राम अवतारशिवपुरी/पिछोर-जिले के पिछोर नगर में इस समय श्री टेकरी सरकार महोत्सव के दौरान श्रीमद् भागवत कथा रूपी अमृत रस की वर्षा टेकरी सरकार प्रांगण में देखने को मिल रही है। आज कथा के चौथे दिवस कथा व्यास भागवत भूषण रमाकांत व्यास जी महाराज ने खचाखच भरे श्रद्धालुओं के पंडाल को ज्ञान उपदेश देते हुए बताया कि यदि हम सच्चे मन से संत के चरण पकड़ ले तो हमें भगवान के दर्शन प्राप्त हो सकते हैं। कथा के चौथे दिवस आज महाराज श्री ने भगवान के वामन अवतार एवं राम अवतार की कथा को जीवन से जोड़ते हुए श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि बुरे विचारों का मेल भजन रूपी जल से साफ होता है । वर्तमान में चल रहे खाडी देशो के युद्ध पर चर्चा करते हुए महाराज श्री ने कहा कि युद्ध किसी भी स्थिति में ठीक नहीं कहा जा सकता। उन्होंने विदुर के यहां भोजन की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि भगवान हमेशा भाव के भूखे होते हैं तभी उन्होंने दुर्योधन के छप्पन भोग त्याग कर विदुर के यहां भोजन किया। टेकरी सरकार समिति के तत्वाधान में आयोजित टेकरी सरकार महोत्सव के दौरान प्रांगण में श्रद्धालुओं को समुचित सुविधाएं प्रदान की जा रही है। कथा के अंत में कथा परीक्षित परिवार द्वारा अतिथियों के साथ भगवान की महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।
कथा के चौथे दिवस हुआ भगवान का वामन एवं राम अवतारशिवपुरी/पिछोर-जिले के पिछोर नगर में इस समय श्री टेकरी सरकार महोत्सव के दौरान श्रीमद् भागवत कथा रूपी अमृत रस की वर्षा टेकरी सरकार प्रांगण में देखने को मिल रही है। आज कथा के चौथे दिवस कथा व्यास भागवत भूषण रमाकांत व्यास जी महाराज ने खचाखच भरे श्रद्धालुओं के पंडाल को ज्ञान उपदेश देते हुए बताया कि यदि हम सच्चे मन से संत के चरण पकड़ ले तो हमें भगवान के दर्शन प्राप्त हो सकते हैं। कथा के चौथे दिवस आज महाराज श्री ने भगवान के वामन अवतार एवं राम अवतार की कथा को जीवन से जोड़ते हुए श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि बुरे विचारों का मेल भजन रूपी जल से साफ होता है । वर्तमान में चल रहे खाडी देशो के युद्ध पर चर्चा करते हुए महाराज श्री ने कहा कि युद्ध किसी भी स्थिति में ठीक नहीं कहा जा सकता। उन्होंने विदुर के यहां भोजन की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि भगवान हमेशा भाव के भूखे होते हैं तभी उन्होंने दुर्योधन के छप्पन भोग त्याग कर विदुर के यहां भोजन किया। टेकरी सरकार समिति के तत्वाधान में आयोजित टेकरी सरकार महोत्सव के दौरान प्रांगण में श्रद्धालुओं को समुचित सुविधाएं प्रदान की जा रही है। कथा के अंत में कथा परीक्षित परिवार द्वारा अतिथियों के साथ भगवान की महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।


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