बंदियों के जीवन में सुधार लाने के लिए व्यक्तित्व परिष्कार प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजनशिवपुरी- सर्किल जेल शिवपुरी गत दिवस व्यक्तित्व परिष्कार प्रशिक्षण शिविर का समापन पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं सत्संकल्पों के साथ हुआ। गायत्री महायज्ञ का संचालन विदुषी श्रीमती विजय लक्ष्मी शर्मा के आध्यात्मिक उद्बोधन भारतीय संस्कृति की संस्कार परम्परा एवं यज्ञीय जीवन शैली के महत्व को रेखांकित करते हुए किया गया।
वरिष्ठ टोली परिजनों श्रीमती ऋषि वाला गौर, श्रीमती लता शाक्य, श्री कन्हैयालाल झा एवं शम्भू दयाल पाठक के संगति करण ने यजमानों को मंत्रमुग्ध कर बांधे रखा। यज्ञ शाला की तैयारी बंदी भाईयों द्वारा स्वयं की गई। बंदी भाईयों के साथ बंदी बहिनों ने भी यज्ञीय आहुतियां दी। सर्किल जेल शिवपुरी के अधीक्षक आर सी आर्य सहित, सह अधीक्षक श्रीराम शिरोमणि पाण्डेय एवं नवागत सह अधीक्षक श्री मिश्रा एवं जेल परिवार के सभी सुरक्षा कार्यकर्ता एवं जेल शिक्षक रामगोपाल रायकवार ने सारी व्यवस्थाएं की। यज्ञीय कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित की।
व्यवहारिक अध्यात्म से व्यक्तित्व परिष्कार कार्यक्रम के समन्वयक डॉ प्रमोद कुमार खरे ने वर्ष 2025-2026के अंतिम दिन प्रशिक्षण के सारस्वरूप को समझाया एवं बंदी भाईयों, बहनों एवं जेल परिवार के सभी सदस्यों नेयज्ञ की पूर्णाहुति की दक्षिणा रूप में सत्संकल्प लिए हम ईश्वर को सर्वव्यापी न्यायकारी मानकर उसके अनुशासन को पालेंगे, शरीर को भगवान का मंदिर समझकर इसके आरोग्य की रक्षा करेंगे, विचार संयम, समय संयम, अर्थ संयम एवं इन्द्रिय संयम का सतत् अभ्यास करेंगें, दूसरों के साथ वह व्यवहार नहीं करेंगे जो हमें अपने लिए पसंद नहीं, हम अपने आपको समाज का अभिन्न अंग मानेंगे एवं सबके हित में अपना हित समझेंगे।
बताना होगा कि सर्किल जेल शिवपुरी अधीक्षक आर सी आर्य ने विगत दो वर्ष से लगातार मप्र जेल प्रशासन एवं गायत्री परिवार के सहयोग से पूरे मप्र की सतना बड़वानी उज्जैन सहित शिवपुरी जेल में भी व्यक्तित्व परिष्कार प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन का सार्थक परिणाम है कि बन्दी भाईयों ने नियमित जप मंत्र लेखन गीता ज्ञान परीक्षा में सहभागिता सुनिश्चित की, चैत्र नवरात्रि में लघु अनुष्ठान एवं व्रत धारण कर, पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के आयोजन में एक सैकड़ा से अधिक महिला बन्दियों सहित पुरुषों ने यज्ञीय कार्यक्रम में भाग लिया एवं संकल्प लिया।


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