20 हजार एडवांस देकर शेष राशि देते हुए पकड़ा गया बाबू, शिवपुरी। नगर पालिका में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहां बहाली के नाम पर रिश्वत मांगने वाले स्थापना बाबू को लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी भगवान लाल करोसिया को 40 हजार रुपए लेते हुए दबोचा गया, जबकि कुल सौदेबाजी 60 हजार रुपए में तय हुई थी। इस कार्रवाई से नगर पालिका में हड़कंप मच गया है।
मामले के अनुसार नगर पालिका में पदस्थ एआरआई हरिबल्लभ चंदौरिया को 14.11.2025 को सीएमओ इशांक धाकड़ द्वारा लापरवाही और टैक्स गड़बड़ी के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद चंदौरिया लगातार बहाली के प्रयास करते रहे, लेकिन इस दौरान उनसे अलग-अलग माध्यमों से रिश्वत की मांग की जाती रही। परेशान होकर उन्होंने लोकायुक्त ग्वालियर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के लिए 16.04.2026 को वार्ता कराई गई, जिसमें स्थापना बाबू भगवान लाल करोसिया ने सीएमओ के नाम पर 60 हजार रुपए की मांग की। उसी दिन 20 हजार रुपए की पहली किश्त देकर सौदा तय हुआ। इसके बाद शेष 40 हजार रुपए देने की योजना बनाई गई। आज शनिवार को जैसे ही हरिबल्लभ चंदौरिया आरोपी के घर पहुंचे और 40 हजार रुपए दिए, पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर करोलिया को रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की राशि भी जब्त कर ली। हालांकि सीएमओ ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पहले ही बाबू की हरकतों की जानकारी मिल गई थी और 16 अप्रैल को ही उसे पद से हटा दिया गया था। फिलहाल लोकायुक्त टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।
दो दिन पूर्व ही स्थापना शाखा से हटा है बाबू भगवान लाल : सीएमओ ईशांक धाकड़
नगर पालिका में शनिवार को एआरआई हरिबल्लभ चंदौरिया के मामले में हुई लोकायुक्त कार्यवाही को लेकर नपा सीएमओ ईशांक धाकड़ ने अपने प्रेस बयान में बताया है कि नगर पालिका में कार्यरत स्थापना बाबू भगवान लाल करोसिया को दो दिन पूर्व ही 16 अप्रैल को स्थापना शाखा से इसलिए हटा दिया था कि लगातार उनके द्वारा कर्मचारियों से अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही थी, जब यह मामला संज्ञान में आया और कर्मचारियों से पुष्टि की गई तब तत्काल स्थापना शाखा से बाबू भगवान लाल करोसिया को हटाकर उन्हें स्वास्थ्य शाखा का दायित्व दिया गया था। अब यदि लोकायुक्त ने इस मामले में भगवान लाल करोसिया को रिश्वत के रूप में पकड़ा है तो इसके लिए वह स्वयं जबाबदेह है नगर पालिका का इस मामले में कोई लेना देना नहीं है, जहां तक सीएमओ का नाम इस रिश्वत मामले में जोड़ा जा रहा है तो इस मामले से हमारा कोई लेना देना नहीं है। इस संबंध में बाबू भगवान लाल को स्थापना शाखा से हटाने का आदेश भी 16 अप्रैल को जारी हो गया था और नवीन दायित्व भी सौंपा गया था।
नगर पालिका में शनिवार को एआरआई हरिबल्लभ चंदौरिया के मामले में हुई लोकायुक्त कार्यवाही को लेकर नपा सीएमओ ईशांक धाकड़ ने अपने प्रेस बयान में बताया है कि नगर पालिका में कार्यरत स्थापना बाबू भगवान लाल करोसिया को दो दिन पूर्व ही 16 अप्रैल को स्थापना शाखा से इसलिए हटा दिया था कि लगातार उनके द्वारा कर्मचारियों से अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही थी, जब यह मामला संज्ञान में आया और कर्मचारियों से पुष्टि की गई तब तत्काल स्थापना शाखा से बाबू भगवान लाल करोसिया को हटाकर उन्हें स्वास्थ्य शाखा का दायित्व दिया गया था। अब यदि लोकायुक्त ने इस मामले में भगवान लाल करोसिया को रिश्वत के रूप में पकड़ा है तो इसके लिए वह स्वयं जबाबदेह है नगर पालिका का इस मामले में कोई लेना देना नहीं है, जहां तक सीएमओ का नाम इस रिश्वत मामले में जोड़ा जा रहा है तो इस मामले से हमारा कोई लेना देना नहीं है। इस संबंध में बाबू भगवान लाल को स्थापना शाखा से हटाने का आदेश भी 16 अप्रैल को जारी हो गया था और नवीन दायित्व भी सौंपा गया था।

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