खाद बीज समस्याओं को लेकर जिले भर के विक्रेताओं ने अपने-अपने प्रतिष्ठान रखे बंद, काली पट्टी बांध जताया विरोध
शिवपुरी- संपूर्ण जिले भर के खाद-बीज विक्रेता जिला कृषि आदान विक्रेता संघ के बैनर तले एकत्रित हुए और स्थानीय वीर सावरकर पार्क में दुकानदारों की समस्याओं के निराकरण ना होने को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकारों के सम्बंधित अधिकारियों तक बार-बार निवेदन किए जाने के बाद भी निराकरण नहीं किया गया जिससे संगठन में रोष व्याप्त हुआ और इस रोष को संपूर्ण जिले भर के खाद-बीज विक्रेताओं ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और वीर सावरकर पार्क में आक्रोश रैली एवं सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया साथ ही अपनी समस्याओं के संदर्भ में हाथों में तख्तियां लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए कलेक्टे्रट पहुंचे जहां डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ को खाद-बीज संबंधी समस्याओं से अवगत कराते हुए माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
यह प्रदर्शन जिला कृषि आदान विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र जैन, संरक्षक धर्म चंद जैन, रामदास जी गुप्ता दिनारा एवं पदाधिकारी उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, नितिन सुहाने, वीरेंद्र जैन, सुनील गुप्ता, सचिव अंकेश जैन, सह सचिव राजू माहेश्वरी, सतीश गुप्ता, कोषाध्यक्ष प्रवीण माहेश्वरी, जिला प्रतिनिधि राजेंद्र गैड़ा सहित संगठन के सभी साथियों ने खाद बीज दुकान बंद रखते हुए इस अभियान को सफल बनाया और अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग जिला प्रशासन के माध्यम से केन्द्र सरकार से की।
इस धरना, प्रदर्शन एवं रैली में जिले भर से आए खाद-बीज विक्रेताओं ने सहयोग प्रदान किया जिसमें शिवपुरी से दीपक जैन, गोपाल गुप्ता, विनोद शर्मा, हरिओम मंगल, लोकेन्द्र शर्मा, दिनेश बंसल, सूर्यकांत शर्मा, सुशील पाठक, गुरूदीप शर्मा,कृष्णपाल सिंह, गिर्राज नामदेव, पवन नामदेव, सुशील धाकड़, रवि धाकड़, वीरेन्द्र जाटव, गुरूबख्श सिंह, नीतेश धाकड़, गौरव जैन, ललित जैन मुन्नू, सारांश जैन, शुभम गोयल, बैराढ़ से गिर्राज कुशवाह, नरवर से जितेन्द्र कुशवाह, पोहरी से सतीश जैन, चन्द्रपाल सिंह, राजेन्द्र गुप्ता, रविन्द्र शर्मा, प्रदीप गोयल, विक्की गोयल, बैराढ़ श्रीनाथ शर्मा आदि सहित जिले भर के खाद-बीज विक्रेता मौजूद रहे।
5 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है कृषि आदान विक्रेता संघ : जिलाध्यक्ष राजेन्द्र जैन
इस दौरान जिला कृषि आदान विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र जैन के द्वारा बताया गया है कि जिला कृषि आदान विक्रेता संघ शिवपुरी खाद बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं का एक रजिस्टर्ड संगठन है जो लगभग 5 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन के सदस्यों द्वारा अपने कारोबार को लेकर पिछले 10 सालों से लगातार समस्याओं का सामना किया जा रहा है और केंद्र एवं राज्य सरकारों के सम्बंधित अधिकारियों तक बार-बार निवेदन किए जाने के बाद भी इनका निराकरण नहीं होने के कारण पूरे देश के कृषि आदान व्यापारी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहे और ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्याओं का निराकरण की मांग की।
इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
जिला कृषि आदान विक्रेता संघ के द्वारा 12 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया जिसमें प्रमुख मांगो में खाद पर जबरन लिंकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध: उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ अनुपगोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग को अपराध पोषित किया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की तर्ज पर पूरे देश में अनुदानित उर्वरक के साथ गैर-अनुदानित उत्पाद बेचने की बाध्यता पर रोक लगे। फॉर (फ्री ऑन रोड) आपूर्ति सुनिश्चित करना: खाद की डिलीवरी हीलर के विक्री केंद्र तक कंपनियों द्वारा सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में पूरिया जैसे खाद की डिलीवरी रेल-हेड पर दी जा रही है, जिससे डीलरों को प्रति बैग 40 से 50 रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है, डीलर मार्जिन में वृद्धि: बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए उर्वरकों पर डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8त्न किया जाए।
साथी पोर्टल में राहत: ग्रामीण खुदरा निक्रेताओं के लिए इस पोर्टल को वैकल्पिक बनाया जाए और इसकी अनिवार्यता केवल निर्मातावों एवं थोक विक्रेताओं तक सीमित रखी जाए। एचटीबीआई बीज नीति: अवैध बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगे या अधिकृत रीलरों की निनिगमित निक्की की बनुमत्ति दी जाए। विक्रेता को साधी का दजार्: खाद, बीज एवं कीटनाशक के सीलबंद पैकिंग में नमूना फेल होने पर विकेता को अपराधी नहीं, बल्कि केवल गवाह माना जाए। चूंकि विक्रेता जिला कृषि अधिकारी में प्राप्त लाइसेंस के आधार पर केवल सीलबंद माल बेचता है, अत: गुणवत्ता की पूर्ण जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए।
एक्सपायर्ड कीटनाशक नीति: कंपनियों के लिए पुराने या एक्सपायर्ड स्टॉक की वापस लेना कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाए। कानूनी संशोधन: नए बीज अधिनियम और कीटनाशक विधेयक 2025 में रिटेल डीलर को प्रथम पक्ष बनाने के कठोर प्रावधान को शिथिल किया जाए एवं जांच कमेटी बनाई जाने किसानों द्वारा झूठी शिकायतें करते हुए व्यापारियों को ब्लैकमेल किया जा रहा है, ऐसी 12 सूत्रीय ज्ञापन में मांगें शामिल है।





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