सहयोगी मित्र अनुभव सिंह परते के साथ मिलकर टेल्स इन्फो ऐप से जानवरों की मिलेगी संपूर्ण जानकारी
शिवपुरी। शहर शिवपुरी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यही कारण है कि आधुनिकता के इस युग में सोशल मीडिया और सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के क्षेत्र में भी शहर के युवा अपनी पहचान बना रहे हैं। शहर की मोहनीसागर कॉलोनी में निवासरत नमन नामदेव, जो जिला पंचायत में पदस्थ मनोज नामदेव के पुत्र हैं, ने अपने सहयोगी मित्र अनुभव सिंह परते (निवासी दमोह) के साथ मिलकर जानवरों की सुरक्षा और देखभाल के लिए टेल्स इन्फो ऐप नामक एक आधुनिक ऐप तैयार किया है। इस ऐप के माध्यम से पशु स्वामियों और आम लोगों को पालतू जानवरों की सुरक्षा संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी। ऐप से जुड़ा एक क्यूआर कोड जानवर के गले में लगाया जा सकता है। यदि कोई पालतू पशु कहीं गुम हो जाता है या अपने मालिक से बिछड़ जाता है, तो कोई भी व्यक्ति उस क्यूआर कोड को स्कैन करके उसकी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है और उसे उसके मालिक तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।
टेल्स इन्फो ऐप में पशु के टीकाकरण, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, बीमारी, खान-पान, दिनचर्या, मालिक की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण विवरण सुरक्षित रखे जा सकते हैं। यह ऐप सभी प्रकार के पालतू पशुओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। साथ ही पशुओं की गणना, स्वास्थ्य निगरानी और अन्य व्यवस्थाओं में शासन-प्रशासन को भी सहायता मिल सकती है। फिलहाल यह ऐप ट्रायल बेसिस पर संचालित किया जा रहा है। आने वाले समय में इसके उपयोग और महत्व को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पशु सेवा के प्रति अपनी भावना व्यक्त करते हुए नमन नामदेव ने बताया कि उन्होंने इस ऐप को तीन प्रमुख उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है स्कैन, रिन्यूट एवं केयर, इसके माध्यम से पशु की पहचान, उसके मालिक तक पहुंच और उसकी देखभाल से जुड़ी आवश्यक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा सकेगी।
मित्र के साथ तैयार करने में टेल्स इन्फो ऐप ऐप को चार माह लगे
मोहनी सागर कॉलोनी, शिवपुरी के निवासी एवं वर्तमान में इंदौर के सुदामा नगर में रह रहे नमन नामदेव बताते हैं कि वे वर्तमान में सॉफ्टवेयर क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनके मित्र अनुभव सिंह परते, जो दमोह के निवासी हैं, कॉलेज के समय से उनके संपर्क में हैं। दोनों ने मिलकर इंदौर में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया और लगभग चार माह की मेहनत के बाद टेल्स इन्फो ऐप को तैयार किया। नमन के अनुसार, भविष्य में इस ऐप के माध्यम से केवल पशु मालिक ही नहीं, बल्कि गौशाला संचालक, पशुपालक और पशु कल्याण से जुड़े अन्य लोगों को भी जोड़ा जाएगा। टेल्स इन्फो ऐप के क्यूआर कोड की सहायता से किसी भी पशु की पहचान करना और उसके मालिक तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। यदि कोई पशु आवारा अवस्था में घूमता हुआ मिलता है, तो कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर उसके स्वामी तक सूचना पहुंचा सकता है और पशु को सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाने में योगदान दे सकता है।
मोहनी सागर कॉलोनी, शिवपुरी के निवासी एवं वर्तमान में इंदौर के सुदामा नगर में रह रहे नमन नामदेव बताते हैं कि वे वर्तमान में सॉफ्टवेयर क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनके मित्र अनुभव सिंह परते, जो दमोह के निवासी हैं, कॉलेज के समय से उनके संपर्क में हैं। दोनों ने मिलकर इंदौर में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया और लगभग चार माह की मेहनत के बाद टेल्स इन्फो ऐप को तैयार किया। नमन के अनुसार, भविष्य में इस ऐप के माध्यम से केवल पशु मालिक ही नहीं, बल्कि गौशाला संचालक, पशुपालक और पशु कल्याण से जुड़े अन्य लोगों को भी जोड़ा जाएगा। टेल्स इन्फो ऐप के क्यूआर कोड की सहायता से किसी भी पशु की पहचान करना और उसके मालिक तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। यदि कोई पशु आवारा अवस्था में घूमता हुआ मिलता है, तो कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर उसके स्वामी तक सूचना पहुंचा सकता है और पशु को सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाने में योगदान दे सकता है।

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