शिवपुरी- जिले में मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में अक्सर ग्रामीण अपनी पंचायतों के सरपंच और सचिवों के खिलाफ भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और भुगतान रोकने जैसी शिकायतें लेकर पहुंचते थे। इन शिकायतों को कई बार आरोप मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता था, लेकिन खनियाधाना जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत जुंगीपुर में हुई लोकायुक्त की कार्रवाई ने इन शिकायतों पर मानो मुहर लगा दी है। ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को ग्राम पंचायत जुंगीपुर की सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने कपिलधारा योजना के तहत निर्मित कुएं का भुगतान जारी कराने के एवज में हितग्राही से रिश्वत की मांग की थी।जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जुंगीपुर निवासी राहुल सिंह यादव ने वर्ष 2025 में कपिलधारा योजना के तहत अपने खेत पर कुएं का निर्माण कराया था। निर्माण पूरा होने के बाद भुगतान स्वीकृत कराने के लिए पंचायत स्तर पर प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली ने भुगतान जारी कराने के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। हितग्राही ने रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत 3 जुलाई 2026 को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज करा दी। इस मामले में लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। बुधवार सुबह करीब 10 बजे निरीक्षक उपेंद्र दुबे और अंजली शर्मा के नेतृत्व में लोकायुक्त की टीम ने उपजेल के पीछे स्थित सरपंच के आवास पर दबिश दी।
जैसे ही फरियादी ने तय राशि सरपंच और उनके पति को सौंपी, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कार्रवाई में निरीक्षक उपेंद्र दुबे,अंजली शर्मा, प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, आरक्षक प्रशांत कुशवाहा, अंकेश शर्मा,सुरेंद्र सेमल,आरिफ खान, बिसंबर भदौरिया, बलबीर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

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