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Wednesday, July 8, 2026

पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में एईडीपी और पीएमआईएस जैसी योजनाओं से छात्रों को मिलेगा रोजगार


शिक्षा में नवाचार से ही युवाओं को बेहतर करियर : प्राचार्य डॉ. पवन श्रीवास्तव  

शिवपुरी। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शिवपुरी में विद्यार्थियों को रोजगारपरक और उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कई नवाचारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम एईडीपी के अंतर्गत बी.ए. इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशंस तथा बी.कॉम. इन रिटेल ऑपरेशंस जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। 

इन कोर्सों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अंतिम वर्ष में विद्यार्थियों को कंपनियों में प्रशिक्षुता के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान छात्रों को 10,000 से 12,000 प्रति माह स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। इससे विद्यार्थी न केवल रियल वर्क एक्सपीरियंस प्राप्त करेंगे, बल्कि पढ़ाई के साथ-साथ कमाई भी कर सकेंगे। प्राचार्य ने बताया कि अंतिम वर्ष के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के साथ-साथ ऐसे पास आउट विद्यार्थी जो वर्तमान में कोई रेगुलर कोर्स या जॉब नहीं कर रहे हैं, उन्हें प्राइम मिनिस्टर इंटर्नशिप स्कीम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से युवा इंटर्नशिप के साथ वित्तीय सहायता भी प्राप्त कर सकेंगे।

स्टार्टअप को लेकर कार्यशाला-
विद्यार्थियों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय के सहयोग से हाल ही में एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सुश्री सुष्मिता कृष्णन, भारतीय इकोलॉजिस्ट एवं क्लाइमेट लीडर ने जलकुंभी से कागज बनाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने इस नवाचार पर आधारित स्टार्टअप शुरू करने के आवश्यक पहलुओं और बाजार संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

डिजिटल शिक्षा पर दिया बल
प्राचार्य डॉ. श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को स्वयं पोर्टल के माध्यम से डिजिटल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार के समावेश से ही आज के युवा को करियर की बेहतर संभावनाएं मिलेंगी। विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ नई अवधारणाओं को अपनाना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार और समाज के विकास में सक्षम योगदान दे सकें। महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन योजनाओं से शिवपुरी के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास के नए अवसर प्राप्त होंगे।

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