30 दिन, 30 कार्यशालाएं अभियान के तहत ए.एन.एम. सेंटर में हुई चौथी 'अल्पविरामÓ कार्यशालाशिवपुरी। राज्य आनंद संस्थान, जिला शिवपुरी द्वारा चलाए जा रहे 30 दिन, 30 कार्यशालाएं अभियान के तहत 4 सितंबर 2026 को ए.एन.एम. सेंटर, शिवपुरी में चौथी एक दिवसीय 'अल्पविरामÓ परिचय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को जीवन की भागदौड़ के बीच कुछ पल ठहरकर स्वयं को समझने, अपने रिश्तों को बेहतर बनाने तथा शांति, सकारात्मकता और आनंद की ओर बढऩे के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यशाला की शुरुआत प्रार्थना से हुई। प्रथम सत्र में जिला संपर्क व्यक्ति अभय कुमार जैन ने प्रतिभागियों को स्वयं के जीवन में आनंद को पहचानने तथा उसके बढऩे और घटने के कारणों को समझने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद सुश्री प्रीति तिवारी ने 'मेरे रिश्तेÓ सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों से संवाद किया। 'झगड़े क्यों होते हैं?Ó विषय पर नाटक के माध्यम से रिश्तों के महत्व तथा जीवन में रिश्तों के दूर होने और पुन: बेहतर होने के कारणों को समझाया गया। प्रतिभागियों ने अल्पविराम के माध्यम से अपने रिश्तों के मैप को साझा किया और अपने संबंधों पर आत्मचिंतन किया। अगले सत्र में मास्टर ट्रेनर साकेत कुमार पुरोहित ने चार प्रश्नों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने जीवन की 'लाइफ बैलेंस शीटÓ तैयार कराई। इस दौरान क्षमा, धन्यवाद जैसे भावों पर अल्पविराम देकर स्वयं से जुडऩे और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके पश्चात मास्टर ट्रेनर प्रमोद रावत ने प्रतिभागियों से कार्यशाला का फीडबैक लिया। प्रतिभागियों ने साझा किया कि अल्पविराम के माध्यम से उन्हें अपने विचारों, भावनाओं और रिश्तों को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिला। गरिमा दुवे एवं सुषमा कन्नौजी ने अपने जीवन में अल्पविराम से आए सकारात्मक परिवर्तनों के अनुभव भी साझा किए। कार्यशाला का समापन सामूहिक गीत के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने अल्पविराम को स्वयं से जुडऩे, जीवन को समझने और उसे अधिक आनंदमय बनाने की सार्थक प्रक्रिया बताया। 30 दिन, 30 कार्यशालाएं अभियान के माध्यम से जिला शिवपुरी में लगातार विभिन्न संस्थानों तक ठहरने, समझने, जुडऩे और खुश रहने का संदेश पहुंचाया जा रहा है।

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