शिवपुरी-महाविद्यालय में पोषण माह के उपलक्ष में छात्राओं को संतुलित भोजन एवं पोषण आहार के सही उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से दिनांक 15 सितम्बर 2026 को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एन. के. जैन की अध्यक्षता में डॉ. पल्लवी सक्सेना गृह विज्ञान विभाग द्वारा “कुपोषण—आधुनिक चुनौतियाँ एवं समाधान” विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में शासकीय के. आर. जी. महाविद्यालय, ग्वालियर की डॉ. रानू सक्सेना को आमंत्रित किया गया।
विषय विशेषज्ञ डॉ. रानू सक्सेना ने अपने विस्तृत व्याख्यान में “कुपोषण—आधुनिक चुनौतियाँ एवं समाधान” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि कुपोषण केवल भोजन की कमी से उत्पन्न होने वाली समस्या नहीं है, बल्कि असंतुलित आहार, पोषक तत्वों की कमी, गलत खान-पान की आदतें, भोजन की गुणवत्ता एवं जीवनशैली भी इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कुपोषण के विभिन्न रूपों जैसे अल्पपोषण, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी तथा अधिक वजन एवं मोटापे के बारे में छात्राओं को जानकारी प्रदान की।
उन्होंने विशेष रूप से किशोरियों में पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया, कमजोरी एवं थकान जैसी समस्याओं से बचाव के लिए पौष्टिक एवं विविधतापूर्ण आहार लेने पर जोर दिया। एवं पोषण संबंधी सरकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी।
एन.एस. एस. जिला संगठक डॉ. एस. एस. खंडेलवाल ने कुपोषण की रोकथाम के लिए संतुलित आहार, भोजन में विविधता, पोषण संबंधी सही जानकारी, व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, नियमित शारीरिक गतिविधि एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने को आवश्यक बताया। साथ ही छात्राओं को अपने परिवार एवं समाज में भी पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. पल्लवी सक्सेना ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्वस्थ रहने के लिए केवल पौष्टिक आहार लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी अस्वस्थ जीवनशैली में आवश्यक परिवर्तन करना भी जरूरी है। उन्होंने नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, स्वच्छता, उचित खान-पान तथा जंक फूड एवं अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन को सीमित करने पर विशेष जोर दिया।
एन.एस. एस. प्रभारी डॉ. रेनू राय ने भोजन में स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों, हरी पत्तेदार सब्जियों, दालों, अनाज, दूध एवं दुग्ध उत्पादों, फल, सब्जियों, मेवे एवं बीजों को उचित मात्रा में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बताते हुए कार्यक्रम में उपस्थित समस्त लोगों का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में डॉ एम.एस. राठौर ,डॉ. अनीता कैमोर ,डॉ. एस. एस. मौर्य, डॉ. भारत सिंह जयंंत, डॉ. रजनी चौधरी, , डॉ. अजय सिंह, नीलेश चौधरी एवं कृष्णकांत वर्मा सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को कुपोषण की आधुनिक चुनौतियों, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, पोषक तत्वों के सही उपयोग तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी प्राप्त हुई। छात्राओं को कुपोषण की रोकथाम के लिए अपने दैनिक खान-पान एवं जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन करने के लिए प्रेरित किया गया।

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