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Monday, January 10, 2022

संतों के मार्गदर्शन में मां जानकी सेना संगठन की भारत यात्रा का शुभारंभ


संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी एवं संरक्षक बने संतजन, उत्तराखंड, बिहार, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में फैलीं संगठन की शाखाएं

शिवपुरी। मां जानकी सेना संगठन के धर्म जागरण रूपी रथ ने अब अपने राष्ट्रीय महा अभियान लक्ष्य की ओर अग्रसर होने के लिए तीव्र गति प्रारंभ कर दी है और अब इस रथ के सारथी बने हैं भारत भूमि के कई महान संत और उन्हीं के मार्गदर्शन में यह रथ अब भारत भ्रमण की ओर निकल चला है। मां जानकी सेना संगठन की भारत यात्रा कई महान संतों के सानिध्य में प्रारंभ हो चुकी हैं। इस यात्रा का उद्देश्य पूरे राष्ट्र में धर्म जागरण की भावना लोगों के अंदर जागृत करना और सेवाभावी लोगों को समाज सेवा के क्षेत्र से जोड़कर कई कीर्तिमान सोपान स्थापित करना है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने बताया है कि साधु संतों के सानिध्य और मार्गदर्शन में किए गए सभी कार्य सदैव परिपूर्णता के साथ सफल होते हैं और यही कारण है कि मां जानकी सेना संगठन प्रारंभ से ही संतों के मार्गदर्शन में अपने कार्य करता आ रहा है और अपने लक्ष्य की ओर लगातार अग्रसर है। उन्होंने बताया कि मां जानकी सेना संगठन के संस्थापक सदस्य एवं राष्ट्रीय संगठन विस्तारक महामंडलेश्वर श्री पुरुषोत्तम दास जी महाराज के सानिध्य में संगठन ने अब अपना विस्तार तेज गति से प्रारंभ कर दिया है। 

अभी हाल ही में महाराज श्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष संत समिति श्री नवीन जी त्यागी को राष्ट्रीय प्रभारी घोषित किया गया हैएवही उत्तराखंड केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी श्री भगवत प्रसाद जी को संगठन से जोड़ा गया है और इंदौर से अखिल भारतीय समिति संयुक्त महामंत्री महामंडलेश्वर श्री मनमोहन दास जी राधे.राधे बाबा ;राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त मप्र शासनद्ध को संगठन का राष्ट्रीय संरक्षक बनाया गया है।  

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जारी है संगठन का विस्तार
मां जानकी सेना संगठन धीरे.धीरे इतिहास गढऩे की ओर बढ़ चला है। संगठन का विस्तार धीरे धीरे देश के अलावा विदेश में भी होता जा रहा है। संगठन की अन्तर्राष्ट्रीय संरक्षक साध्वी गुरु मां कंचन गिरी जी के द्वारा संगठन का विस्तार विदशों में किया जा रहा है जहां हाल भी लंदन से श्री सुरेन्द्र पाल संगठन के सदस्य बने है और जल्दी वहां संगठन का सुंदरकांड प्रारम्भ होगा।

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