अष्टोत्तरशत श्रीमद् भागवत कथा के साथ-साथ श्रीविष्णु महाया में दी जा रही आहुतियांशिवपुरी- जीवन को यदि जानना है तो इसके लिए श्रीमद् भागवत कथा से अन्यत्र कोई अन्य साधन नहीं, क्योंकि यही एक ऐसा ग्रंथ है जो जीवन का शाश्वत सत्य है इसलिए जब भी जीवन में पुण्य कर्म होते है तब मनुष्य निश्चित रूप से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कर अन्य लोगों को भी धर्म से जोडऩे का कार्य करता है, श्रीबांकड़े मंदिर में अष्टोत्तरशत श्रीमद् भागवत कथा के साथ-साथ संपूर्ण विश्व में शांति और धर्म की स्थापना के लिए श्रीविष्णु महायज्ञ का आयोजन कर आहुतियां दी जा रही है, निश्चित ही यहां की यह पावन धरा सभी के मनोरथपूर्ण करेगी और इसके लाभार्थी परिवार श्रीमद् भागवत कथा के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को धन्य करेंगें।
श्रीमद् भागवत कथा का यह महात्मय बताया शहर से करीब 10 किमी दूर स्थित अति प्राचीन श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर प्रांगण में जहां श्रीबांकड़े बिहारी शिक्षा एवं विकास समिति शिवपुरी के तत्वाधान में व्यासपीठ से प्रसिद्ध श्रीमद् भागवत कथा मर्मज्ञ डॉ.गिरीश जी महाराज के मुखारबिन्द से कथा पाण्डाल में आयोजित अष्टोत्तरशत श्रीमद् भागवत कथा में कथा महत्व एवं श्रीविष्णु महायज्ञ में दी जाने वाली आहुतियां का महत्व बता रहे थे। इस अवसर पर कथा प्रारंभ से पूर्व श्रीमद् भागवत कथा पूजन कथा यजमान प्रधान यजमान श्रीमती किरण-पं. घनश्याम उपाध्याय एवं यज्ञ यजमान श्रीमती नीतू-प्रकाश सोनी नगर अध्यक्ष, बजरंग दल संगठन शिवपुरी के द्वारा किया गया, इसके साथ ही यजमान के रूप में श्रीमती हेमलता-रघुवीर रावत अध्यक्ष जनपद पंचायत शिवपुरी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव यजमान के लाभार्थी श्रीमती प्रेमदेवी-महेश शिवहरे, भगवान श्रीगोवर्धन पूजन के यजमान श्रीमती हेमलता-पं.मुकेश पाराशर एवं श्रीरूकमणी मंगल विवाह के यजमान श्रीमती प्रियंका-गिरजेश श्रीवास्तव पटवारी के द्वारा भी कथा प्रांगण में शामिल होकर कथा पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया गया।
इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि आदि के द्वारा भी कथा पाण्डाल में पहुंचकर कथा को श्रवण किया गया। समस्त धप्रेमीजनों से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह कथा यजमान परिवार के द्वारा किया गया है।


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