जीवन की समस्याओं का समाधान है अल्पविराम- प्राचार्य सुनीता पुरोहितशिवपुरी। राज्य आनंद संस्थान जिला शिवपुरी के संयुक्त कलेक्टर एवं जिला नोडल अधिकारी जे.पी. गुप्ता के निर्देशन तथा जिला संपर्क व्यक्ति अभय जैन के समन्वय में राज्य आनंद संस्थान एवं आईओएफसी पंचगनी, महाराष्ट्र के संयुक्त तत्वावधान में ए एन एम सेंटर जिला शिवपुरी में दो दिवसीय 'अल्पविरामÓ कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का आरंभ सेंटर की प्राचार्य सुनीता पुरोहित एवं प्रतिभागियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं प्रार्थना के साथ किया गया। कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर प्राचार्य सुनीता पुरोहित ने संस्थान से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में अनेक समस्याएँ थीं, लेकिन राज्य आनंद संस्थान से जुडऩे के बाद अनुभव हुआ कि जीवन की अधिकांश समस्याओं का समाधान 'अल्पविरामÓ में निहित है।
राज्य आनंद संस्थान का परिचय आनंदक सचिन अग्रवाल द्वारा दिया गया। प्रथम सत्र में मास्टर ट्रेनर साकेत पुरोहित ने प्रतिभागियों से जीवन, समाज एवं देश की समस्याओं तथा उनके समाधान पर संवाद किया। जिम्मेदार कौन है, विषय पर चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने आत्ममंथन करते हुए स्वीकार किया कि समस्याओं के लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं तथा समाधान की दिशा में आगे बढऩे का संकल्प लिया। द्वितीय सत्र में आनंदम सहयोगी बृजेश सिंह तोमर ने ईमानदारी, पवित्रता, नि:स्वार्थता एवं प्रेम जैसे चार मूल सिद्धांतों पर अपने जीवन अनुभव साझा किए तथा अल्पविराम के माध्यम से प्रतिभागियों को इन सिद्धांतों के आधार पर आत्ममूल्यांकन का अवसर प्रदान किया।
इसके पश्चात आनंदम सहयोगी प्रीति तिवारी ने कनेक्शन, करेक्शन एवं डायरेक्शन विषय पर अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को आत्मजागरूकता की दिशा में प्रेरित किया। वहीं प्रमोद रावत ने फ्रीडम ग्लास गतिविधि के माध्यम से जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। अल्पविराम से जीवन में आए परिवर्तनों के अनुभव प्रियांशु भार्गव एवं अवध प्रताप सिंह द्वारा भी प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। शाम पाँच बजे कार्यशाला का प्रथम दिवस संपन्न हुआ तथा अगले दिन के लिए विश्राम घोषित किया गया। कार्यशाला का समापन कल विभिन्न गतिविधियों एवं अनुभव साझा सत्रों के साथ किया जाएगा।

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