शिवपुरी- ऑल ग्वालियर चेस एसोसिएशन के तत्वाधान में जी एच रायसोनी मेमोरियल ग्वालियर वन डे ओपन रैपिड चेस टूर्नामेंट गत रोज समापन हो गया। आर. के. मेमोरियल चेस एकेडमी के संचालक पवन वशिष्ठ ने बताया कि शिवपुरी जिले से 6 खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में शामिल हुए थे। इस टूर्नामेंट में लगभग 218 खिलाडिय़ों ने भाग लिया था जिनमें फिजिकल चैलेंज वर्ग में वंश श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें विजेता ट्रॉफी के साथ नगद पुरस्कार राशि भी मिली है। वंश को एकेडमी की ओर से भी सम्मानित किया गया। जन्म से ही थेलिसिमिया नामक लाइलाज बीमारी से पीडि़त हैं। इस बीमारी के कारण 10 से 12 दिन में रक्त चढ़वाना पड़ता है। वंश चेस साथ-साथ बैडमिंटन निपुण खिलाड़ी हैं। इनके पिता विवेक श्रीवास्तव आउटडोर फोटोग्राफर हैं, जो हर प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित करते हैं, उनकी इस उपलब्धि पर खेलप्रेमियों, शुभचिंतक और इष्ट मित्रों ने बधाई प्रेषित की है।
शिवपुरी- ऑल ग्वालियर चेस एसोसिएशन के तत्वाधान में जी एच रायसोनी मेमोरियल ग्वालियर वन डे ओपन रैपिड चेस टूर्नामेंट गत रोज समापन हो गया। आर. के. मेमोरियल चेस एकेडमी के संचालक पवन वशिष्ठ ने बताया कि शिवपुरी जिले से 6 खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में शामिल हुए थे। इस टूर्नामेंट में लगभग 218 खिलाडिय़ों ने भाग लिया था जिनमें फिजिकल चैलेंज वर्ग में वंश श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें विजेता ट्रॉफी के साथ नगद पुरस्कार राशि भी मिली है। वंश को एकेडमी की ओर से भी सम्मानित किया गया। जन्म से ही थेलिसिमिया नामक लाइलाज बीमारी से पीडि़त हैं। इस बीमारी के कारण 10 से 12 दिन में रक्त चढ़वाना पड़ता है। वंश चेस साथ-साथ बैडमिंटन निपुण खिलाड़ी हैं। इनके पिता विवेक श्रीवास्तव आउटडोर फोटोग्राफर हैं, जो हर प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित करते हैं, उनकी इस उपलब्धि पर खेलप्रेमियों, शुभचिंतक और इष्ट मित्रों ने बधाई प्रेषित की है।

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