लक्ष्मी नारायण दास महाराज बने महंत दुर्गा दास जी के शिष्यशिवपुरी। यादव समाज के सहयोग से निर्मित गोपाल जी मंदिर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूज्य महंत श्री दुर्गा दास जी महाराज ने वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के बीच लक्ष्मी नारायण दास महाराज को अपने शिष्य के रूप में विधिवत स्वीकार किया। गुरु-शिष्य परंपरा के इस पावन अनुष्ठान के साक्षी बने श्रद्धालुओं ने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त कर धर्म एवं आध्यात्मिकता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
कार्यक्रम में कल्लू पुजारी गोपाल जी सहित यादव समाज के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने महंत श्री दुर्गा दास जी महाराज एवं लक्ष्मी नारायण दास महाराज का पुष्पमालाओं से स्वागत कर शुभकामनाएं अर्पित कीं। इस अवसर पर प्रदेश प्रधान महासचिव कल्याण सिंह यादव (बंटी भैया), जिला अध्यक्ष श्याम सिंह यादव (शिवपुरी), प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव, संभागीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव (फौजी), बल्लू यादव (पार्षद), गजेंद्र सिंह यादव (एडवोकेट), शिशुपाल यादव (सरपंच, टोंका), हंसराज यादव (सरपंच, अतबेई), संजय यादव (सरपंच, बमरा), सूरज यादव (सरपंच, लोहादेवी), बद्री यादव (सरपंच, कर्मचा कला), सूरज यादव (सरपंच, भावखेड़ी), हरिओम यादव (टोंरिया जागीर), मजबूत सिंह यादव, खोइया वृंदावन यादव, अभय सिंह यादव, गोलू यादव (पाली), विक्रम यादव (खेड़ा), कृष्ण यादव (खेड़ा), मस्तराम यादव (हलवाई खेड़ा), हरिओम यादव (बैदरी), जिला उपाध्यक्ष सतवीर यादव, जिला उपाध्यक्ष माछी यादव, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र यादव, रैली संचालक लवकुश यादव, हरी सिंह यादव (सतेरिया), प्रमोद यादव (सेसई), राजाराम यादव, पंजाब सिंह यादव (मोहनपुर), दिलीप यादव (लोहादेवी), धर्मेंद्र यादव (टोक), पंजाब सिंह यादव (लोहादेवी), लाल सिंह यादव सहित यादव समाज के बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों एवं यादव समाज के सदस्यों ने महंत श्री दुर्गा दास जी महाराज तथा लक्ष्मी नारायण दास महाराज को हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं प्रेषित करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के इस पावन आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है और ऐसी परंपराएं समाज को आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोडऩे का कार्य करती हैं। कार्यक्रम का समापन गुरु वंदना, आशीर्वचन एवं धर्म, समाज तथा राष्ट्र की उन्नति की मंगलकामना के साथ हुआ। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया तथा सभी ने गुरु पूर्णिमा पर्व को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया।

No comments:
Post a Comment