शिवपुरी-'शिवपुरी का साहित्य समाजÓ पुस्तक स्थानीय साहित्यिक विरासत का महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें शिवपुरी जिले की साहित्यिक परंपरा को संकलित करने और स्थानीय साहित्यकारों के योगदान को सामने लाने का सार्थक प्रयास हुआ है। उक्त उद्गार युसुफ अहमद कुर्रेशी ने नई प्रकाशन के संपादक -प्रबंधक डॉ. महेन्द्र अग्रवाल व अखलाक खान द्वारा उनके निवास पर उन्हें पुस्तक की पहली प्रति भेंट करने के अवसर पर व्यक्त किये। डॉ. महेन्द्र ने बताया कि श्री कुर्रेशी कवि शायर न होते हुए भी स्थानीय साहित्यिक गतिविधियों के संरक्षक व सूत्रधार रहे हैं और प्रकाशन की ओर से यह कृति उनके साहित्यिक अवदान को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें समर्पित की गई है। पुस्तक में विरासत खंड में दिवंगत साहित्यकार घासीराम जैनÓचन्द्रकविÓ, डॉ.राधेश्याम द्विवेदी, प्रो.रामकुमार चतुर्वेदी चंचल,डॉ. परशुराम शुक्ल 'विरही, प्रो.विद्यानंदन राजीव, डॉ.लखन लाल खरे, अखिल बंसल आदि का पुण्य स्मरण है जबकि 'रोशनीÓ खण्ड में हरिशचंद भार्गव, डॉ. निसार अहमद, डविनय प्रकाश 'नीरवÓ,रफीक इशरत, बसंत श्रीवास्तव इत्यादि के साथ 'उड़ानÓ के अंतर्गत 1980 के बाद की पीढ़ी के रचनाकार निर्मल हरी, अजय जैन 'अविरामÓ,श्रीमती मृदुला नामदेव, श्रीमती उर्वशी शर्मा, सुभाष पाठक 'जियाÓ आदि को स्थान दिया गया है।
शिवपुरी-'शिवपुरी का साहित्य समाजÓ पुस्तक स्थानीय साहित्यिक विरासत का महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें शिवपुरी जिले की साहित्यिक परंपरा को संकलित करने और स्थानीय साहित्यकारों के योगदान को सामने लाने का सार्थक प्रयास हुआ है। उक्त उद्गार युसुफ अहमद कुर्रेशी ने नई प्रकाशन के संपादक -प्रबंधक डॉ. महेन्द्र अग्रवाल व अखलाक खान द्वारा उनके निवास पर उन्हें पुस्तक की पहली प्रति भेंट करने के अवसर पर व्यक्त किये। डॉ. महेन्द्र ने बताया कि श्री कुर्रेशी कवि शायर न होते हुए भी स्थानीय साहित्यिक गतिविधियों के संरक्षक व सूत्रधार रहे हैं और प्रकाशन की ओर से यह कृति उनके साहित्यिक अवदान को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें समर्पित की गई है। पुस्तक में विरासत खंड में दिवंगत साहित्यकार घासीराम जैनÓचन्द्रकविÓ, डॉ.राधेश्याम द्विवेदी, प्रो.रामकुमार चतुर्वेदी चंचल,डॉ. परशुराम शुक्ल 'विरही, प्रो.विद्यानंदन राजीव, डॉ.लखन लाल खरे, अखिल बंसल आदि का पुण्य स्मरण है जबकि 'रोशनीÓ खण्ड में हरिशचंद भार्गव, डॉ. निसार अहमद, डविनय प्रकाश 'नीरवÓ,रफीक इशरत, बसंत श्रीवास्तव इत्यादि के साथ 'उड़ानÓ के अंतर्गत 1980 के बाद की पीढ़ी के रचनाकार निर्मल हरी, अजय जैन 'अविरामÓ,श्रीमती मृदुला नामदेव, श्रीमती उर्वशी शर्मा, सुभाष पाठक 'जियाÓ आदि को स्थान दिया गया है।

No comments:
Post a Comment