शिवपुरी-शहर से दूर एक शांत एवं निर्जन स्थल पर स्थित प्राचीन स्वयंभू शिवलिंग वाले पवित्र धाम श्री सर्वकल्याण एकांतेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मान्यता है कि यह शिवलिंग लगभग 250 वर्षों से यहां विराजमान है और श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।मंदिर परिसर में लगातार तीसरे वर्ष महाशिवरात्रि उत्सव का सामूहिक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रुद्राभिषेक, पूजन-अर्चन तथा फलाहारी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित होगा। इस अवसर पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति श्री सर्वकल्याण एकांतेश्वर महादेव समिति एवं मंदिर पुजारी कुलदीप पुरोहित ने समस्त शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे 15 फरवरी, रविवार को सपरिवार पहुंचकर महाशिवरात्रि उत्सव में सम्मिलित हों तथा भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें। समिति ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण को सुदृढ़ करना और लोगों को प्रकृति की गोद में स्थित इस प्राचीन धाम से जोडऩा है। आयोजन के अंत में श्रद्धालुओं के लिए फलाहारी प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने का आग्रह किया है।
शिवपुरी-शहर से दूर एक शांत एवं निर्जन स्थल पर स्थित प्राचीन स्वयंभू शिवलिंग वाले पवित्र धाम श्री सर्वकल्याण एकांतेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मान्यता है कि यह शिवलिंग लगभग 250 वर्षों से यहां विराजमान है और श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।मंदिर परिसर में लगातार तीसरे वर्ष महाशिवरात्रि उत्सव का सामूहिक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रुद्राभिषेक, पूजन-अर्चन तथा फलाहारी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित होगा। इस अवसर पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति श्री सर्वकल्याण एकांतेश्वर महादेव समिति एवं मंदिर पुजारी कुलदीप पुरोहित ने समस्त शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे 15 फरवरी, रविवार को सपरिवार पहुंचकर महाशिवरात्रि उत्सव में सम्मिलित हों तथा भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें। समिति ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण को सुदृढ़ करना और लोगों को प्रकृति की गोद में स्थित इस प्राचीन धाम से जोडऩा है। आयोजन के अंत में श्रद्धालुओं के लिए फलाहारी प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने का आग्रह किया है।


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