मंदिर परिसर में हुईं लोक गायन-भक्ति गायन एवं नृत्य नाटिका की प्रस्तुतियाँशिवपुरी-संस्कृति विभाग द्वारा शिवपुरी के नरवर रेस्ट हाउस के पीछे स्थित चौदह महादेव मंदिर परिसर में शिव-शक्ति की कला अभिव्यक्तियों पर एकाग्र महादेव महोत्सव का आयोजन किया गया। समारोह में शिव केंद्रित नृत्य नाटिका, लोक गायन एवं भक्ति गायन की प्रस्तुतियाँ संयोजित की गईं। महादेव के प्रेम से आह्लादित प्रस्तुति ने शिव भक्ति, लोक परम्परा और शास्त्रीय-सुगम कलाओं के सुरम्य त्रिवेणी के रूप में श्रद्धा और भक्ति की एक अनुपम आध्यात्मिक एकत्व को रचा। संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन शिवपुरी के सहयोग से यह आयोजन किया गया।
पन्ना के लोक गायक राहुल जोशी ने अपने सुमधुर, ऊर्जस्वी और भाव सिक्त स्वरों से समूचे वातावरण को भक्ति रस से आप्लावित कर दिया। उनकी प्रस्तुति में लोक धुनों की आत्मीयता और शिव भक्ति की गहनता का अद्भुत सामंजस्य दृष्टिगोचर हुआ। उन्होंने आवो अंगना पधारो श्री गणेश जी... भजन से जैसे ही प्रस्तुति का श्रीगणेश किया, मंच मानो मंगलमय आह्वान से आलोकित हो उठा। यह आराधना केवल गीत नहीं, बल्कि श्रद्धा का सस्वर निमंत्रण था। इसके पश्चात है धन्य तेरी माया जग में... और हे शंभू बाबा... जैसी रचनाओं के माध्यम से शिव की अनंत महिमा, करुणा और लोकआस्था को स्वर दिए। शिव कैलाशो के वासी... की प्रस्तुति में कैलाशपति की दिव्यता और वैराग्य का जीवन-स्पंदित चित्र उभरा। वहीं, मेरा भोला है भंडारी... में सहज-सरल शिव की लोकमानस में रची-बसी छवियाँ उजागर हुईं। कार्यक्रम को विस्तार देते हुए भोपाल के बालाजी कला केंद्र के कलासाधकों ने भगवान शिव पर केंद्रित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। 7 कलाकारों ने सेमी-क्लासिकल शैली में भाव, संगीत एवं नृत्य के माध्यम से शिव-सती कथा, शिव तांडव एवं शिव-पार्वती विवाह जैसे दृश्यों को पिरोया।

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