साहित्य परिषद ने प्रति शनिवार पुस्तक चर्चा की प्रारंभशिवपुरी-अखिल भारतीय साहित्य परिषद शिवपुरी द्वारा देश के वरिष्ठ साहित्यकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती उनकी प्रसिद्ध पुस्तक आनंदमठ पर चर्चा कर मनायी,इसी वर्ष वन्दे मातरम गीत का 150 वा स्मरणोत्सव भी देश मना रहा है,और वंदे मातरम गीत इसी पुस्तक से लिया गया है। वरिष्ठ साहित्यकार पुरुषोत्तम गौतम के निवास पर आयोजित आनंदमठ पुस्तक पर चर्चा में बोलते हुए वरिष्ठ लेखक,पत्रकार,चिंतक प्रमोद भार्गव ने कहा कि देश की आध्यात्मिक विरासत हमारी चेतना का मूल आधार रही है,साधु संन्यासी कभी भी ढोंग पाखंड को बढ़ावा देने वाले नहीं रहे,बल्कि समाज को समय समय पर मार्गदर्शित करने वाले रहे है,समाज के पथ प्रदर्शक रहे है।
आनंदमठ पुस्तक में बंकिम दा ने इसी भाव को प्रकट किया है,देश के समक्ष आसन्न चुनौतियों के निबटने के लिए साधु सन्यासियों ने न सिर्फ शस्त्र उठाए बल्कि गांव गांव जाकर राष्ट्रीयता के भाव को भी जाग्रत किया। शिक्षक प्रदीप अवस्थी ने कहा कि मैने जब आनंदमठ पढऩा शुरू किया तो पूर्ण होने तक कही भी उबाऊ या नीरसता बोझिल नहीं लगा,बल्कि रोमांच के साथ इसे पूर्ण किया। पुस्तक चर्चा के बारे में बताते हुए अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रांत महामंत्री आशुतोष शर्मा ने बताया कि प्रति शनिवार एक नई और प्रमुख पुस्तक पर चर्चा प्रति शनिवार वरिष्ठ साहित्यकारों के निवास पर आयोजित होगी,जिसे साहित्य परिषद स्टडी सर्किल नाम दिया है, और माह के अंतिम रविवार को काव्य गोष्ठी आयोजित साहित्य परिषद शिवपुरी में होगी। इससे पूर्व पुरुषोत्तम गौतम का सम्मान भी किया गया। पुस्तक चर्चा में अंत में आभार साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष श्याम बिहारी सरल ने ज्ञापित किया।

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