शिवपुरी- "देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें" - इस राष्ट्रभाव और समाज सेवा के पवित्र संदेश के साथ आज राठौर युवा जागृति मंच एवं राठौर महिला विकास मंच, शिवपुरी द्वारा स्थानीय नक्षत्र गार्डन में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की उन होनहार प्रतिभाओं को सम्मानित करना था, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे समाज और देश का गौरव बढ़ाया है। समारोह में 10वीं, 12वीं तथा उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं , शासकीय सेवा में चयनित प्रतिभा को शील्ड एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री के जी राठौर ने कहा कि जैसे देश और समाज हमें सब कुछ देता है, वैसे ही हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम अपनी प्रतिभा, शिक्षा और संस्कारों से समाज और देश को कुछ लौटाएं। यही सच्ची देशभक्ति और समाज सेवा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर ने कहा कि "समाज हमें समय देता है, पहचान देता है, संस्कार देता है... तो हमारा भी फर्ज है कि हम समाज को कुछ देकर लौटाएं।" समय सबसे बड़ा दानी है, वह सबको अवसर देता है। हमारे बच्चों ने समय का सदुपयोग कर मेहनत की और सफलता अर्जित की। अब समाज का दायित्व है कि वह उनके परिश्रम को सम्मान देकर उनका हौसला बढ़ाए।
पूर्व विधायक श्री माखनलाल राठौर ने कहा कि आज के इस समारोह के असली नायक - हमारे प्रतिभावान बच्चों!* आज का दिन शिवपुरी के राठौर समाज के इतिहास में एक स्वर्णिम दिन के रूप में लिखा जाएगा। आज हम इकट्ठे हुए हैं अपने भविष्य को सम्मान देने के लिए, अपनी आने वाली पीढ़ी का हौसला बढ़ाने के लिए।
किसी ने बहुत सुंदर कहा है -
"पूत सपूत तो क्यों धन संचय, पूत कपूत तो क्यों धन संचय।" अर्थात अगर संतान योग्य है तो उसके लिए धन जोड़ने की जरूरत नहीं, वह खुद कमा लेगी। और आज हमारे बच्चे ये साबित कर रहे हैं।
हमारे समाज के इन बच्चों ने किताबों को अपना मित्र बनाया, मेहनत को अपना हथियार बनाया और सफलता प्राप्त की। यह हम सबके लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ राकेश राठौर ने कहा कि मैं समाज के युवाओं से सिर्फ तीन बातें कहना चाहूंगा
1. कभी रुकना मत:* आज 10वीं-12वीं में अच्छे नंबर आए हैं, यह तो सिर्फ पहली सीढ़ी है। अभी तो IAS, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक बनना बाकी है।
2. अपनी जड़ों को मत भूलना:* आप कितने भी बड़े बन जाओ, पर अपने समाज को, अपने माता-पिता को, अपनी संस्कृति को कभी मत भूलना। यही आपकी असली पहचान है।
3. एक-दूसरे का हाथ पकड़ना: आज जिसको सम्मान मिला है, उसकी जिम्मेदारी है कि वह अपने छोटे भाई-बहन को भी पढ़ाए। समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हम एक-दूसरे को आगे बढ़ाएंगे।
मैं राठौर युवा जागृति मंच और महिला विकास मंच को दिल से बधाई देता हूँ। आपने यह जो "सम्मान" की परंपरा शुरू की है, यह बहुत महान कार्य है। सम्मान से बड़ा कोई पुरस्कार नहीं होता। जब समाज पीठ थपथपाता है तो बच्चे में सौ गुना ऊर्जा आ जाती है।
अंत में, मैं पुनः सभी प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देता हूँ और आप सभी का आह्वान करता हूँ कि अगले साल हम इस हॉल से भी बड़े हॉल में मिलें और उससे भी ज्यादा बच्चों को सम्मानित करें।
मंच के अध्यक्ष विशाल राठौर मंच से आह्वान किया गया कि जिस प्रकार समाज ने हमें बनाया है, उसी प्रकार हमें भी समाज के लिए अपना समय, ज्ञान और सहयोग देना चाहिए। यही सच्ची समाज सेवा है।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में जिला अभियोजन अधिकारी के जी राठौर मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर, खंड चिकित्सा अधिकारी कोलारस डॉक्टर संजय राठौर, डॉक्टर अशोक राठौर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ राकेश राठौर मंच के अध्यक्ष विशाल राठौर महामंत्री सोनू राठौर ,राठौर महिला विकास मंत्री अध्यक्ष गायत्री राठौर महामंत्री पूजा राठौर समाज के जिला अध्यक्ष पार्षद ताराचंद राठौर महामंत्री सोनू राठौर मंडल अध्यक्ष पवन राठौर भरत राठौर विनोद राठौर दीपक राठौर मंचासीन हुए तथा इसके साथ जीतू राठौर रविकांत राठौर अनिल राठौर गोपाल राठौर राकेश राठौर रमेश राठौर रामेश्वर राठौर नंदकिशोर राठौर शिवकुमार राठौर अमित राठौर सहित समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं महिला मंडल की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। अंत में आभार राठौर युवा जागृति मंच के मयंक राठौर द्वारा व्यक्त किया गया।

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