बीएसी की जांच से मचा हड़कंप, ऑनलाइन हाजिरी लगाकर स्कूल से गायब रहने का आरोपशिवपुरी/करैरा। जनशिक्षा केंद्र डमरॉन कलां के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर उजागर कर गया। प्रभारी बीएसी प्रवीण कुमार शर्मा द्वारा किए गए निरीक्षण में शासकीय प्राथमिक विद्यालय चंपा बाबरी और शासकीय प्राथमिक विद्यालय शंकरपुरा (सलैया-डमरॉन) में ऐसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे शिक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑनलाइन हाजिरी, लेकिन स्कूल से गायब प्रधानाध्यापक
शासकीय प्राथमिक विद्यालय चंपा बाबरी में पदस्थ प्रभारी प्रधानाध्यापक बनवारी प्रसाद जोशी पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वे ऑनलाइन पोर्टल पर नियमित उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जबकि उपस्थिति पंजी में 31 जुलाई 2026 के बाद से उनके हस्ताक्षर तक दर्ज नहीं हैं। विद्यालय में पदस्थ शिक्षक राहुल पांडे ने निरीक्षण अधिकारी के समक्ष बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक रोज केवल ऑनलाइन हाजिरी लगाते हैं और उसके बाद विद्यालय छोड़कर चले जाते हैं। निरीक्षण के समय विद्यालय में गंदगी का अंबार लगा था, बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन नहीं बनाया गया था और न ही शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अभिलेख व्यवस्थित रूप से उपलब्ध थे।
सरकारी रिकॉर्ड स्कूल में नहीं, सीएसी के घर!
शासकीय प्राथमिक विद्यालय शंकरपुरा (सलैया-डमरॉन) में तो स्थिति और भी चौंकाने वाली मिली। जब प्रभारी बीएसी ने वित्तीय अभिलेखों का भौतिक सत्यापन करना चाहा तो प्रभारी प्रधानाध्यापिका कविता साहू ने बताया कि विद्यालय के सभी वित्तीय अभिलेख जनशिक्षक (सीएसी) नीलेश समाधिया के घर पर रखे हुए हैं। सरकारी अभिलेखों का विद्यालय के बजाय किसी निजी स्थान पर रखा जाना गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता माना जा रहा है।
शासकीय प्राथमिक विद्यालय शंकरपुरा (सलैया-डमरॉन) में तो स्थिति और भी चौंकाने वाली मिली। जब प्रभारी बीएसी ने वित्तीय अभिलेखों का भौतिक सत्यापन करना चाहा तो प्रभारी प्रधानाध्यापिका कविता साहू ने बताया कि विद्यालय के सभी वित्तीय अभिलेख जनशिक्षक (सीएसी) नीलेश समाधिया के घर पर रखे हुए हैं। सरकारी अभिलेखों का विद्यालय के बजाय किसी निजी स्थान पर रखा जाना गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता माना जा रहा है।
जनशिक्षक की मॉनिटरिंग पर उठे सवाल
निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के बाद जनशिक्षक (सीएसी) नीलेश समाधिया की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि उनके द्वारा जनशिक्षा केंद्र के अधीन विद्यालयों का नियमित निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं की जाती, जिसके कारण शिक्षक मनमानी करने लगे हैं और विद्यालयों की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के बाद जनशिक्षक (सीएसी) नीलेश समाधिया की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि उनके द्वारा जनशिक्षा केंद्र के अधीन विद्यालयों का नियमित निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं की जाती, जिसके कारण शिक्षक मनमानी करने लगे हैं और विद्यालयों की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
इनका कहना है-
इस मामले में शिकायत को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाएगी और संबंधित विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा, दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
दफेदार सिंह सिकरवार
जिला परियोजना समन्वयक, शिवपुरी
इस मामले में शिकायत को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाएगी और संबंधित विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा, दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
दफेदार सिंह सिकरवार
जिला परियोजना समन्वयक, शिवपुरी



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